विवेक तन्खा ने कहा कि इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन को एक्सपोर्ट हब की सूची में शामिल किया गया है, ऐसे में जबलपुर को इसमें जगह क्यों नहीं दी गई। उनका कहना है कि नर्मदापुरम की जगह जबलपुर को सूची में शामिल किया जा सकता था।
तन्खा ने जबलपुर में निर्यात की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि शहर में रक्षा उत्पादन, स्टोन क्राफ्ट, हरे मटर और विभिन्न कृषि उत्पादों के निर्यात की प्रबल संभावनाएं मौजूद हैं।