निगम की नजर खासतौर पर उन व्यावसायिक गतिविधियों पर है, जो रहवासी क्षेत्रों में लोगों के लिए सबसे अधिक परेशानी का कारण बन रही हैं। इनमें फैक्ट्रियों से लेकर ओयो होटल, पब, बार, रेस्टोरेंट, होटल और जिम जैसे प्रतिष्ठान शामिल हैं।
इनसे होने वाले शोर, आने-जाने वाले लोगों की भीड़ और अन्य गतिविधियों के कारण रहवासियों को परेशानी की शिकायतें मिल रही हैं। निगम अब नोटिस देने के बजाय मौके पर गतिविधियां बंद कराने की तैयारी में है।
31 अगस्त को निगम की टीमें शहर सीमा में आने वाली सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई के लिए उतरेंगी। इस दौरान अंतिम नोटिस के बाद भी संचालित पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों की जांच कर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद निगम ने शहरभर में अब तक 8264 नोटिस जारी किए हैं। पहले चरण में नोटिस देकर दस्तावेज और स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया गया। अब ऐसे मामलों में कार्रवाई की तैयारी है, जहां रहवासी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां जारी हैं।