'अमेरिका की शर्तों को स्वीकार नहीं कर रहा भारत'
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि अमेरिका भारत से तीन चीजें चाहता है। 1- रूसी तेल खरीदना बंद हो, 2- भारत अपना कृषि क्षेत्र खोले और 3- अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाए। लेकिन भारत ने अमेरिका द्वारा तय की गई इन शर्तों को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया है।इसने आगे लिखा है कि भारत के लिए अमेरिका का 'रणनीतिक साझेदार'कहलाने का महत्व अब कम होता जा रहा है। इसके अलावा टैरिफ नीतियों के कानूनी विवादों में उलझे होने के कारण भारत कोई भी पक्का वादा करने से हिचकिचा रहा है कि क्या पता अगले साल फिर से नीति बदल जाए? 2026 में भारत का निर्यात काफी तेजी से बढ़ा है। अगर अमेरिकी टैरिफ वापस 25 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं तो यह विकास की गति पूरी तरह खत्म हो जाएगी। भारत ऐसी शर्तें मानने के बजाय जिनसे उसके दीर्घकालिक हितों को नुकसान पहुंचे किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर न करना ही बेहतर समझेगा।

