चन्नाकेशव बिचौलियों के बिना अपनी उपज सीधे अपने खेत से ही ग्राहकों को बेचते हैं। उनके खेत पर हर हफ्ते करीब 150 से 200 ग्राहक फल और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट खरीदने आते हैं। इससे उनका सारा स्टॉक तुरंत बिक जाता है। खेती से सालाना 20-25 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल करने वाले चन्नाकेशव साथ में इलेक्ट्रॉनिक्स की एक छोटी दुकान भी चलाते हैं। आसपास इंडस्ट्रियल एरिया बनने से जमीन के दाम 1 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से ऊपर चले गए हैं। इसलिए वह अपनी मौजूदा जमीन को ही बेहद कीमती मानकर उसकी सुरक्षा और संरक्षण करते हैं। आज उनका यह फार्म अन्य किसानों के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर बन चुका है। वहां लोग आकर मिक्स्ड और ऑर्गेनिक फार्मिंग की तकनीक सीखते हैं।

