निर्माण सामग्री को रीसायकल करना
स्टडी में यह भी जांच की गई कि क्या MLBM को बहुत कठिन परिस्थितियों के संपर्क में आने के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने बायोलॉजिकल घटकों और ScA से बनी असली मदर ब्रिक्स (मूल ईंटों) को तोड़ा और फिर उससे मिली सामग्री का इस्तेमाल करके नई ईंटें बनाईं। उन्होंने जेल और रेत दोनों को रीसायकल करने के साथ-साथ फ्रीज-ड्राइड बायो-जेल से यीस्ट कोशिकाओं को रिकवर करने का भी परीक्षण किया।दोनों तरीकों से सामग्री के मैकेनिकल गुण बने रहे और बार-बार रीसायकल करने के बावजूद यीस्ट कोशिकाएं जीवित रहीं। लेखकों का सुझाव है कि थर्मल प्रोसेसिंग के दौरान बाइंडर एक रिवर्सिबल सोल-जेल ट्रांजिशन से गुजरता है, जिससे यह फ्रीज-ड्राइंग के दौरान क्रॉसलिंक हो पाता है। हालांकि अभी रेडिएशन सहने की क्षमता, थर्मल कंडक्टिविटी, टिकाऊपन और बड़े पैमाने पर निर्माण के दौरान प्रदर्शन देखा जाना शामिल है।

