भारत ने K9 वज्र-T में क्या बदलाव किए हैं?
- K9 वज्र-T में 14 मुख्य भारतीय निर्मित सिस्टम हैं, जो मूल्य के हिसाब से 50% घटक हैं।
- इसमें Nub गोला-बारूद सक्षम फायर कंट्रोल सिस्टम और इसका स्टोरेज, कम्यूनिकेशन सिस्टम और इन्वायरमेंट कंट्रोल और न्यूक्लियर, बॉयलोजिकल, केमिकल प्रोटेक्शन सिस्टम शामिल हैं।
- सीधी फायरिंग क्षमता के लिए GPS (गनर की प्राइमरी साइट) और दक्षिण अफ्रीकी ऑक्सिलरी पावर यूनिट जैसे अतिरिक्त सिस्टम लगाए गए थे, जो रेगिस्तान में ऑपरेशन के लिए उपयुक्त हैं। बाद मे इसमें कोरियाई ऑक्सिलरी पावर यूनिट लगाया गया है।
- K9 वज्र की डिजाइन को रेगिस्तान और उच्च तापमान की स्थिति में संचालन के लिए उपयुक्त बनाने के लिए अपग्रेड किया गया है।
- यह ब्रस्ट मोड में 15 सेकेंड में 3 राउंड फायरिंग भी कर सकता है। इसके अलावा प्रति मिनट इसके फायरिंग करने की दर 6 से 8 राउंड है।

