ऑस्ट्रेलिया जाकर नहीं मिली नौकरी तो पिज्जा डिलीवरी का काम किया, आज 11 साल बाद BMW और 3 फ्रेंचाइजी के मालिक
Updated on
21-09-2026 12:52 PM
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया में बेहतर भविष्य की तलाश में पहुंचे एक भारतीय की कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है। 11 साल पहले पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया गए इस युवक को अपने क्षेत्र में नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने पिज्जा शॉप में काम शुरू किया। पिज्जा डिलीवरी से शुरू हुआ सफर आज तीन फ्रेंचाइजी, अपना घर, BMW कार और ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता तक पहुंच चुका है। उनकी इस यात्रा को उनके बहनोई और उद्यमी विनीत के ने एक्स पर शेयर किया है।
कम पैसों से शुरू किया कारोबार
विनीत ने बताया कि उनके परिवार के एक सदस्य को इस सप्ताह अपने पूरे परिवार के साथ ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता मिली है। करीब 11 साल पहले वह पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया गए थे। पढ़ाई के बाद उन्हें अपने क्षेत्र में नौकरी नहीं मिल सकी।
इसके बाद उन्होंने एक पिज्जा शॉप में फुल-टाइम नौकरी शुरू की। शुरुआती दिनों में उन्होंने पिज्जा डिलीवरी भी की और कड़ी मेहनत करते रहे। करीब तीन साल बाद पार्टनरशिप और कुछ पूंजी के साथ उन्होंने पिज्जा की एक फ्रेंचाइजी संभाल ली।
कोरोना के दौरान हुई शादी
विनीत के मुताबिक, कोविड के दौरान उनकी शादी हुई और बाद में वह अपनी पत्नी को भी ऑस्ट्रेलिया ले गए। इसके बाद परिवार आगे बढ़ा और अब उनके दो बच्चे हैं।
विनीत ने पोस्ट में बताया कि साल 2026 तक इस शख्स ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर लीं। उनके पास अपना घर है, बीएमडब्ल्यू कार है और वह तीन पिज्जा फ्रेंचाइजी के मालिक हैं। उन्होंने अपने माता-पिता को भी ऑस्ट्रेलिया बुला लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत के हैदराबाद में भी अपना घर बनाया। अब इस सफर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। उन्हें और उनके परिवार को ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता मिल गई है।
रिश्तेदारों ने भी की मेहनत
विनीत ने अपनी पोस्ट में बताया कि शुरुआती दिनों में उनके रिश्तेदार ने पिज्जा डिलीवरी करने में भी खूब मेहनत की। उन्होंने इस सफर को बेहद प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसी यात्रा और सफलता को देखना वास्तव में उत्साह बढ़ाने वाला है।
लोग बोले- सही समय और किस्मत जरूरी
विनीत की इस पोस्ट पर एक्स यूजर्स ने जबरदस्त प्रतिक्रियाएं दी हैं। यूजर्स ने उनके रिश्तेदार की मेहनत को सराहा है और इन बड़ी उपलब्धियों पर बधाई दी है। Srinivasan Mahalingam नामक यूजर ने कमेंट किया, 'बधाई हो। शानदार कहानी। मेहनत का कोई मुकाबला नहीं। सही जगह, सही समय और किस्मत, सफलता या असफलता में हर चीज की अपनी भूमिका होती है।'
Moderate Citizen नामक अकाउंट से कमेंट किया गया कि अगर वह भारत में होते तो अभी भी जोमैटो या स्विगी में डिलीवरी पार्टनर ड्राइवर होते और पिज्जा डिलीवर करते। Iyer V नामक यूजर ने लिखा कि यह सब इतना आसान नहीं होता। इसमें काफी मुश्किलें आती हैं। उन्होंने विनीत के रिश्तेदार के काम को सराहा और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
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