अगले 5 साल बेहद अहम
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, नागेश्वरन ने भारत के सामने मौजूद दोहरी चुनौती को रेखांकित किया। एक तरफ देश को 2047 तक के दीर्घकालिक विकास लक्ष्य को बनाए रखना है, वहीं अगले पांच वर्षों में संसाधन जुटाने की रफ्तार भी बढ़ानी होगी।उन्होंने कहा कि इस अवधि में वैश्विक स्तर पर उपलब्ध वित्तीय अवसरों का लाभ उठाने के लिए भारत को निवेश और संसाधन जुटाने की क्षमता मजबूत करनी होगी। सम्मेलन में भारत के मैक्रोइकोनॉमिक आउटलुक, कृषि क्षेत्र में बदलाव के लिए वित्तपोषण और ऊर्जा संक्रमण के लिए फंडिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।

