भोपाल। राजधानी भोपाल में इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार कर रहे लोगों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा। जी हां, भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) ने अपनी योजना में बदलाव करते हुए 27 जुलाई से प्रस्तावित यात्रियों के साथ ई-बसों का ट्रायल रन फिलहाल टाल दिया है। अब इसे 29 जुलाई के बाद दो रूटों पर यात्रियों के साथ ट्रायल रन शुरू किया जाएगा और इस दौरान यात्रियों को निर्धारित टिकट लेकर ही यात्रा करनी होगी।
पहले बीसीएलएल ने 27 जुलाई से 10 ई-बसों को दो रूटों पर यात्रियों के साथ परीक्षण के तौर पर चलाने की तैयारी की थी, लेकिन अब परिचालन कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, 29 जुलाई के बाद शुरू होने वाले ट्रायल के दौरान 10 बसों का संचालन सामान्य सार्वजनिक परिवहन की तरह होगा, ताकि किराया संग्रह, टिकटिंग प्रणाली और यात्री संचालन व्यवस्था का भी परीक्षण किया जा सके।
बता दें कि राजधानी भोपाल में 245 ई-बसें चलाने की तैयारी है। इसमें पहले चरण में 100 बसें पीएम ई-बस सेवा वाली होंगी और 145 बीसीएलएल (भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड) की होंगी। वर्तमान में पीएम बस सेवा वाली 100 में से 21 बसें भोपाल आ गई हैं।
वहीं बसों के रूट भी तय हो गए हैं। अभी तक 12 रूट फाइनल हुए हैं। इसमें सबसे बड़ा रूट 68.5 किमी लंबा सीहोर से रातापानी का होगा, जबकि सबसे छोटा रूट 28 किमी का कोच फैक्ट्री से गोल-जोड़ तक का रहेगा। साथ ही ई-बसों के लिए दो डिपो बैरागढ़ और कस्तूरबा नगर फाइनल किए गए हैं।
बीसीएलएल अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में दो रूटों पर ही बसों का परीक्षण किया जाएगा। पहला रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन होते हुए बैरागढ़-चिचली तक रहेगा, जबकि दूसरा रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन होते हुए रेलवे कोच फैक्ट्री तक संचालित होगा।
इन दोनों रूटों पर 10 ई-बसें चलाई जाएंगी। ट्रायल के दौरान बसों के संचालन, यात्री भार और समय-सारिणी का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद अगस्त में नियमित संचालन शुरू करने की तैयारी है।
अनुबंध के अनुसार प्रत्येक ई-बस का प्रतिदिन कम से कम 180 किलोमीटर संचालन अनिवार्य होगा। बस ऑपरेटर को 58.14 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाएगा, जिसमें 22 रुपये प्रति किलोमीटर केंद्र सरकार और 36.14 रुपये प्रति किलोमीटर राज्य सरकार वहन करेगी।
ई-बसों में एयर कंडीशनिंग, एआईएस-140 जीपीएस आधारित रियल टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग, मोबाइल ऐप से पास बनाने की सुविधा, पांच सीसीटीवी कैमरे, एआई आधारित पैसेंजर काउंटिंग सिस्टम, पैनिक और स्टॉप बटन, एलईडी यात्री सूचना प्रणाली, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम तथा दिव्यांग यात्रियों के लिए ऑटोमैटिक हाइड्रोलिक व्हीलचेयर लिफ्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।