Select Date:

हूतियों से जंग के बीच सऊदी अरब बना रहा ताकतवर मिसाइल, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा, फैक्ट्री में दिखा नया निर्माण

Updated on 24-10-2026 11:23 AM
रियाद: यमन के हूती विद्रोहियों के हमले के बीच सऊदी अरब अपनी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। रियाद का मकसद अधिक शक्तिशाली मिसाइल बनाने का है, जिससे पूरे क्षेत्र में लक्ष्यों को निशाना बनाने की उसकी क्षमता मजबूत हो सके। रॉयटर्स की रिपोर्ट में इसकी खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण के हवाले से बताया गया है कि रियाद के पश्चिम में स्थित में एक मिसाइल कॉम्प्लेक्स में नया निर्माण हो रहा है।

लंबी दूरी और भारी पेलोड वाली मिसाइलें

यह निर्माण सॉलिड-फ्यूल वाली मिसाइलों के उत्पादन में विस्तार की ओर इशारा करता है। रिसर्चर्स का कहना है कि इस नई सुविधा में बड़ी मिसाइल मोटरें रखी जा सकती हैं। इससे अधिक रेंज वाले या भारी पेलोड ले जाने में सक्षम हथियारों का निर्माण संभव है। यह नया निर्माण रियाद से लगभग 200 किलोमीटर पश्चिम में अल-दावादमी स्थित एक बैलिस्टिक मिसाइल कॉम्प्लेक्स में हो रहा है।
फॉरेन पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के दो शोधकर्ताओं, सैम लेयर और माइकल ड्यूट्समैन ने अप्रैल 2025 से सितम्बर 2026 के बीच ली गई कमर्शियल सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया है। उन्होंने एक ऐसी नई इमारत की पहचान की है, जिसमें संभवतः कास्टिंग पिट मौजूद हैं। कॉस्टिंग पिंच सांचे बाने के गड्ढे होते हैं जिनका उपयोग सॉलिड फ्यूल मिसाइल मोटरें बनाने के लिए किया जाता है।

मिसाइल रेस शुरू होने का खतरा

बेहतर क्षमता वाली ये मिसाइलें सऊदी अरब को ईरान की ओर से होने वाले हमलों को रोकने में मदद कर सकती हैं और उसकी सेना को अधिक आत्मनिर्भर बना सकती हैं। इसके साथ ही यमन में ईरान समर्थित हूतियों के साथ चल रहे संघर्ष में भी रियाद की स्थिति को मजबूत कर सकती हैं, लेकिन इससे क्षेत्र में मिसाइल रेस शुरू होने का भी खतरा है। अगर ऐसा होता है कि अमेरिका और सऊदी अरब के बीच असैन्य परमाणु समझौते को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में भी विरोध हो सकता है।
लेयर और ड्यूट्समैन ने अपने आकलन में बताया कि नई इमारत उस इमारत से कम से कम दोगुनी बड़ी हैं, जिसमें इस प्लांट के मौजूदा कास्टिंग पिट्स हैं। इसके दोनों ओर दीवारों जैसी संरचनाएं हैं। रिसर्चर्स ने कहा कि एक दूसरी नई इमारत का इस्तेमाल ईंधन सामग्री या तैयार मिसाइल पुर्जों को रखने के लिए किया जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने लिखा कि तस्वीरों से पता चलता है कि सऊदी अरब अपने मिसाइल प्रोडक्शन कॉम्प्लेक्स के बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रहा है। संभवतः ऐसा बड़ी मिसाइलें बनाने के लिए किया जा रहा है, जो अधिक पेलोड ले जा सकें या लंबी दूरी तक मार कर सकें।"

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 October 2026
रियाद: यमन के हूती विद्रोहियों के हमले के बीच सऊदी अरब अपनी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। रियाद का मकसद अधिक शक्तिशाली मिसाइल बनाने का है, जिससे…
 24 October 2026
पोर्ट विला: दक्षिणी प्रशांत महासागर में स्थित द्वीपीय देश वानुवातु में दो शक्तिशाली भूकंप आए हैं। अमेरिकी भूगर्भ सर्वक्षेण (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का दर्ज किया गया।…
 24 October 2026
पेरिस/नई दिल्ली: भारतीय नौसेना के समुद्री प्लेटफॉर्म से राफेल-मरीन लड़ाकू विमानों का ट्रायल शुरू हो गया है। राफेल-एम को फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट ने बनाया है और इसने अमेरिकी F/A-18E/F सुपर…
 24 October 2026
बाकू: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अजरबैजान पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा हुआ था और उसके करीब डेढ़ साल बात भारत और अजरबैजान नये सिरे से रिश्ते को शुरू करना चाहते…
 24 October 2026
तेहरान: अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान अमेरिका के बाहर विदेशों में अमेरिकी नागरिकों को मारने की साजिश रच रहा है। यूएस इंटेलिजेंस के मेमो में…
 24 October 2026
बाकू: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर शुक्रवार 23 अक्टूबर को अजरबैजान के दौरे पर पहुंचे। यह 8 सालों में यह किसी भारतीय विदेश मंत्री का अजरबैजान का पहला और स्वतंत्र…
 23 October 2026
तिब्बत में गुरुवार रात 7.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 65 लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद 12 हजार से ज्यादा लोगों…
 23 October 2026
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को जलवायु संकट के लिए यूरोप को बड़ा जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की 17% आबादी है लेकिन कार्बन उत्सर्ज में…
 23 October 2026
अमेरिका की बड़ी मेडिकल जांच कंपनियों में शामिल क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स पर साइबर हमला हुआ है। इस हमले में हैकरों ने मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट और उनकी निजी जानकारी तक पहुंच…
Advt.