कभी बाघ विहीन होने की कगार पर खड़े छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व में अब मध्य प्रदेश के बाघों ने नई जान फूंक दी है। प्राकृतिक रास्तों (नेचुरल कॉरिडोर) से मध्य प्रदेश के कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच टाइगर रिजर्व से बाघ खुद ही अचानकमार पहुंच रहे हैं और अपना कुनबा बढ़ा रहे हैं।
इस प्राकृतिक प्रवास के चलते छत्तीसगढ़ ने अब मध्य प्रदेश से बाघ मांगने के प्रस्ताव पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्राकृतिक रूप से आ रहे ये बाघ ही अब वहां की बाघों की आबादी बढ़ाने में अहम योगदान दे रहे हैं।