Select Date:

S-400 की मिसाइलों से यूक्रेन में कहर बरपा रहा रूस, एयर डिफेंस सिस्टम से जमीनी हमला कैसे? भारत के लिए गुड न्यूज

Updated on 11-08-2026 01:16 PM
मॉस्को/कीव: रूसी वायुसेना ने 4-5 अगस्त की रात को यूक्रेन पर 24 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। यूक्रेनी वायु सेना ने इन मिसाइलों को 'इस्कंदर-M/S-400' कैटेगरी में रखा है। इसका मतलब है कि एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम से जमीनी हमला किया गया है। ये थोड़ा चौंकाने वाला है क्योंकि एस-400 एक एयर डिफेंस सिस्टम है जो आकाशीय खतरों से निपटते है। रूसी हमले का सबसे ज्यादा असर कीव ओब्लास्ट क्षेत्र पर पड़ा है। पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक कम होने की वजह से यूक्रेन का एयर डिफेंस सिस्टम एक भी मिसाइल को नहीं गिरा पाया।

रिपोर्ट के मुताबिक S-400 की एक खास बात यह है कि इसे जमीन पर मौजूद ठिकानों पर हमला करने के लिए नहीं, बल्कि आने वाली मिसाइलों को हवा में ही रोकने वाले एयर डिफेंस सिस्टम के तौर पर बनाया गया था। फिर भी रूस ने इसका इस्तेमाल करने का तरीका बदल दिया है जो भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। रूस ने इसका प्रोडक्शन काफी तेज कर दिया है और इसकी रेंज को कीव तक कर दिया है।

एस-400 की मिसाइलों से जमीनी लक्ष्यों पर हमला

यह पहली बार नहीं है जब रूस ने जमीनी ठिकानों पर हमला करने के लिए एयर डिफेंस मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। इससे पहले 2022 में भी उसने फ्रंट लाइन के पास के यूक्रेनी कस्बों में पुरानी S-300 सरफेस-टू-एयर मिसाइलों का इस्तेमाल किया था। बाद में आई रिपोर्टों से पता चला था कि नई 48N6 मिसाइलों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई जो S-300 और S-400 के बाद के वर्शन के साथ काम कर सकती हैं।

2026 में रूस ने अपने हथियारों के जखीरे में RM-48U को शामिल किया और रिटायर हो चुकी सरफेस-टू-एयर मिसाइलों को बदलकर इस मिसाइल का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया। यूक्रेन की डिफेंस इंटेलिजेंस के अनुसार रूस ने 2025 में 200 RM-48U मिसाइलें बनाईं और 2026 में 480 से ज्यादा मिसाइलें बनाने का उसका लक्ष्य है। हालांकि एक नियमत बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में एयर डिफेंस की मिसाइलों की विनाशकारी क्षमता थोड़ी कम होती है फिर भी असर दिख जाता है।

एस-400 की मिसाइल कैसे शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल बनी?

मूल रूप से एस-400 एक एयर डिफेंस सिस्टम है लेकिन इसके कमांड सॉफ्टवेयर में बदलाव कर इसे बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी पर जमीन के लक्ष्यों की ओर दागने के योग्य बनाया गया है। रूस सोवियत काल के बचे हुए और सेवा अवधि पूरी कर चुके एस-300 और एस-400 इंटरसेप्टर मिसाइल स्टॉक का उपयोग जमीनी हमलों के लिए कर रहा है। यह सिस्टम वर्टिकल कोल्ड लॉन्च तकनीक का उपयोग करता है जिससे मिसाइल बिना लॉन्चर घुमाए सीधे ऊपर उठकर तय किए गए जमीनी कोऑर्डिनेट्स की तरफ मुड़ जाती है।

इसका सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि ये दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को भ्रम में डाल देते हैं लेकिन नुकसान ये है कि इन मिसाइलों में जमीनी हमलों के लिए सटीक गाइडेंस और भारी वॉरहेड की कमी होती है जिससे यह पारंपरिक सामरिक मिसाइलों की तुलना में कम सटीक और नागरिकों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित होती हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 August 2026
माले/इस्लामाबाद: मालदीव अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए दक्षिण एशियाई देशों के संगठन 'सार्क' को फिर से शुरू करने की कोशिशें कर रहा है लेकिन उसके सारे दांव नाकाम…
 11 August 2026
मॉस्को/कीव: रूसी वायुसेना ने 4-5 अगस्त की रात को यूक्रेन पर 24 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। यूक्रेनी वायु सेना ने इन मिसाइलों को 'इस्कंदर-M/S-400' कैटेगरी में रखा है। इसका…
 11 August 2026
लंदन: सूडान में चल रहे नरसंहार को लेकर दुबई के शासक को लंदन की सड़कों पर घेर लिया गया। मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम जो दुबई के शासक होने के साथ…
 11 August 2026
वॉशिंगटन/अंकारा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले महीने NATO शिखर सम्मेलन के बाद बेहद सीक्रेट तरीके से एक मिलिट्री विमान के जरिए तुर्की से बाहर निकाला गया था। अमेरिकी सीक्रेट…
 11 August 2026
काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि 1816 की वह मूल सुगौली संधि नहीं मिल रही है जिसने ब्रिटिश भारत के साथ उसकी सीमा तय की…
 11 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए डिफेंस पैक्ट के बाद इजरायली डिफेंस सर्किल में भारत को 'इंश्योरेंस पॉलिसी' की तरह देखा जा रहा है। इजरायल में…
 10 August 2026
ढाका: भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सोमवार को मुलाकात की है। बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद त्रिवेदी की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री…
 10 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' के बाद इजरायल का मानना है कि इस समझौते के बाद उसके भारत से संबंध और मजबूत होंगे।…
 10 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ…
Advt.