एयर फोर्स वन से गए ही नहीं ट्रंप
इसके बाद ट्रंप अंकारा में कैमरों के सामने पुराने एयर फोर्स वन विमान में सवार हुए, लेकिन असल में यह दुनिया और खास तौर पर ईरान को धोखा देने के लिए था। ट्रंप इस विमान से कभी तुर्की से बाहर नहीं निकले। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप को विमान के नीचे खड़ी एक कैटरिंग गाड़ी में ले जाया गया। फिर उन्हें कार से एक तीसरे विमान में ले जाया गया।अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट ने इस तीसरे विमान की पहचान अमेरिकी वायु सेना के C-32A के तौर पर की। यह बोइंग 757 का मिलिट्री संस्करण है। ट्रंप इसी विमान में चुपके से बैठकर ब्रिटेन गए। यह विमान रात 10:20 बजे लैंड हुआ और उसके कुछ मिनट बाद प्रेस के सदस्यों को लेकर आ रहा एयर फोर्स वन उतरा।









