न्यूमोनिक प्लेग का इलाज ना किया जाए तो प्लेग से मौत का खतरा बहुत ज्यादा हो सकता है लेकिन अगर शुरुआती दौर में ही इसका पता चल जाए तो एंटीबायोटिक्स से इसका सफल इलाज किया जा सकता है।
न्यूमोनिक प्लेग क्या है?
न्यूमोनिक प्लेग के तीन रूपों में से एक है, जो येर्सिनिया पेस्टिस बैक्टीरिया से होता है। ब्यूबोनिक प्लेग आमतौर पर संक्रमित पिस्सू से जुड़ा होता है। इसके उलट न्यूमोनिक प्लेग फेफड़ों को प्रभावित करता है और सांस के जरिए निकलने वाली बूंदों से लोगों के बीच फैल सकता है।इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और खांसी शामिल हो सकते हैं। गंभीर मामलों में मरीजों को खांसते समय खून या पानी जैसा बलगम आ सकता है।

