जीएसडीपी को दुगुना करने का मोहन संकल्प

Updated on 12-03-2025 04:09 PM
मध्‍य प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025 को "उद्योग वर्ष’’ घोषित किया गया है। वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में द्वि‍तीयक क्षेत्र में 2.73 लाख करोड़ रूपये के सकल मूल्‍य वर्धन तक पहॅुच गया।  राज्‍य में सामाजिक क्षेत्र के लिये महत्‍वपूर्ण बजटीय आवंटन किये गये है जिसमें पिछले चार वर्षो में 82.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सरकार ने समस्‍त बाल विकास को प्राथमिकता देते हुये राज्‍य के कुल बजट का 21.6 प्रतिशत बजट आवंटित किया है। पोषण भी पढाई भी,स्‍व-सहायता समूह, सामुदायिक संस्‍थागत विकास, लखपति दीदी,विकसित मध्‍यप्रदेश विजन 2047 आदि इस दिशा में अग्रणी प्रयास है।
स्‍वास्‍थ्य क्षेत्र मे राज्‍य का बजट वर्ष 2024-25 में 15744 करोड़ रूपये तक पहॅुच गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 4.85 करोड़ से अधिक कार्ड जारी किये गये है।

वर्ष 2024-25 में शिक्षा का बजट 11.26 प्रतिशत आवंटित किया गया है। व्‍यावसायिक शिक्षा में 14 ट्रेडस शुरू किये गये है।उच्‍च शिक्षा के अंतर्गत 1346 महाविद्यालय में 10.5 लाख सीट उपलब्‍ध है। कौशल विकास मिशन के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 3.49 लाख छात्रों को व्‍यावसयिक शिक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है।10 आई.टी.पार्क एवं 4 आई.टी SEZ विकसित किये गये है। 4895 से अधिक मान्‍यता प्राप्‍त स्‍टार्ट-अप कार्यरत है।
मध्य प्रदेश की विधानसभा में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत किए। सर्वेक्षण में उद्यमशील मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य पूर्ति के महानतम संकल्प हेतु राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को पाँच वर्षों में वर्ष 2028-29 तक दोगुना करने का संकल्प लिया है।

वर्तमान में ‍प्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद वर्ष 2024-25 प्रचलित भावों पर रूपये 1503395 करोड़ पहुंच गया है, जो वर्ष 2023-24 में रूपये 1353809 करोड़ था। पिछले वित्‍तीय वर्ष से 11.05 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।मप्र की आर्थिक वृद्धि दर राष्ट्रीय दर के सापेक्ष लगभग डेढ़ गुनी से अधिक है।यह वृद्धि दर मोहन सरकार की आर्थिक नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने का ही परिणाम है, सुफल है।मध्‍यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद वर्ष 2024-25 में स्थिर भावों पर जीएसडीपी 712260 करोड़ रूपये है जो वर्ष 2023-24 में 671636 करोड़ रहा। यह 6.05 प्रतिशत की वास्‍तविक वृद्धि दिखाता है।

मध्‍यप्रदेश की प्रति व्‍यक्ति आय वर्ष 2024-25 प्रचलित भावों पर पिछले वर्ष के सापेक्ष लगभग 9 प्रतिशत की दर से बढ़कर रूपये 152615 हो गई है। स्थिर भाव पर वर्ष 2024-25 में प्रति व्‍यक्ति आय रूपये 70434 है । मध्‍यप्रदेश के सकल मूल्य वर्धन में प्रचलित भावों पर वर्ष 2024-25 में क्षेत्रवार हिस्‍सेदारी क्रमश: प्राथमिक क्षेत्र में 44.36 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र में 19.03 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 36.61 प्रतिशत रही है।

मोहन सरकार ने लोक वित्‍त में अपनी मजबूत अर्थव्‍यवस्‍था बनाये रखने के लिये प्रभावी कदम उठाये गये है। वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में राजस्‍व अधिशेष रूपये 1700 करोड़ रहने का अनुमान है, जबकि राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 4.11 प्रतिशत तक सीमित रहेगा। राजस्‍व प्राप्तियां रूपये 263344 करोड़ तक पहॅुचने का अनुमान है।विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश के रूप में राज्य अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करेगा। प्रदेश की मजबूत बैंकिंग प्रणाली और वित्तीय समावेश की शक्ति से आर्थिक तंत्र निरंतर सशक्त हो रहा है

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार कृषि फसल क्षेत्र का प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत योगदान वर्ष 2024-25 में 30.90 प्रतिशत रहा।प्रचलित भाव पर यह 10.8 प्रतिशत बढ़ा है। इसी तरह पशुधन क्षेत्र में 7.45 प्रतिशत का योगदान रहा है । 

कृषि और कृषि प्र-संस्करण के माध्यम से आय के स्रोतों में वृद्धि हो रही है, जबकि सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्योग, बड़ी अधोसंरचनात्मक परियोजनाएं, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का विस्तार, और ऊर्जा उपलब्धता में बढ़ोतरी जैसे महत्वपूर्ण घटक एक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में प्रदेश की प्रगति को दर्शाते हैं।

शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक और सामाजिक समावेश तथा महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने से आर्थिक और सामाजिक उन्नति में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता, और नारी शक्ति जैसे चार प्रमुख मिशनों की शुरुआत की है। ये मिशन क्रमशः समाज के वंचित वर्गों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के समग्र विकास एवं आर्थिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने कार्यरत हैं। सरकार का संकल्प है कि राज्य की आर्थिक नीतियां समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास में सहायक हों और व्यापक आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करें।

मध्यप्रदेश सरकार ने 'ईज़ ऑफ लिविंग' और 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' को बढ़ावा देने के लिए मानकों के सरलीकरण, जनविश्वास बिल, राजस्व महाभियान और पीएम जनमन कार्यक्रम जैसे प्रभावी उपायों को अपनाया है, जिससे सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि, टाइगर एवं चीता रिजर्व, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरें, और पर्यटन स्थलों ने मध्यप्रदेश को पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

मध्यप्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25 प्रदेश की आर्थिक प्रतिबद्धताओं, विकास योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह सर्वेक्षण राज्य की विकास यात्रा को प्रतिबिंबित करता है और यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश सतत और समावेशी आर्थिक विकास के मार्ग पर अग्रसर है।

मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025 को "उद्योग वर्ष’’ घोषित किया गया है। वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में द्वि‍तीयक क्षेत्र में 2.73 लाख करोड़ रूपये के सकल मूल्‍य वर्धन तक पहॅुच गया। 

राज्‍य में सामाजिक क्षेत्र के लिये महत्‍वपूर्ण बजटीय आवंटन किये गये है जिसमें पिछले चार वर्षो में 82.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सरकार ने समस्‍त बाल विकास को प्राथमिकता देते हुये राज्‍य के कुल बजट का 21.6 प्रतिशत बजट आवंटित किया है। पोषण भी पढाई भी,स्‍व-सहायता समूह, सामुदायिक संस्‍थागत विकास, लखपति दीदी,विकसित मध्‍यप्रदेश विजन 2047 आदि इस दिशा में अग्रणी प्रयास है।

स्‍वास्‍थ्य क्षेत्र मे राज्‍य का बजट वर्ष 2024-25 में 15744 करोड़ रूपये तक पहॅुच गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 4.85 करोड़ से अधिक कार्ड जारी किये गये है।

वर्ष 2024-25 में शिक्षा का बजट 11.26 प्रतिशत आवंटित किया गया है। व्‍यावसायिक शिक्षा में 14 ट्रेडस शुरू किये गये है।उच्‍च शिक्षा के अंतर्गत 1346 महाविद्यालय में 10.5 लाख सीट उपलब्‍ध है। कौशल विकास मिशन के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 3.49 लाख छात्रों को व्‍यावसयिक शिक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है।10 आई.टी.पार्क एवं 4 आई.टी SEZ विकसित किये गये है। 4895 से अधिक मान्‍यता प्राप्‍त स्‍टार्ट-अप कार्यरत है।

मध्य प्रदेश का अधिसूचित वन क्षेत्र 94.69 हजार वर्ग किलोमीटर तथा वनावरण 77.07 हजार वर्ग कि.मी. क्षेत्रफल के साथ अग्रणी स्थिति पर है।खनिज उत्‍पादन मूल्‍य पिछले वर्ष की तुलना में 16.71 प्रतिशत अधिक रहा है।  आर्थिक सर्वेक्षण में मोहन सरकार का राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को पाँच वर्षों में दोगुना करने का संकल्प स्पष्ट रूप से झलक रहा है, दृष्टि गोचर हो रहा है।

-सत्येंद्र जैन , लेखक

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 27 March 2025
कुणाल कामरा किस स्तर के काॅमेडियन हैं और उनके तेवर क्या है, इन सवालों को थोड़ा अलग रखें तो प्रश्न उठता है कि उनकी पैरोडी को भी जिस तरह महाराष्ट्र…
 22 March 2025
मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव की सरकार का दूसरा बजट वर्ष 2025-26 हेतु उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किया गया है।यह बजट,स्वतंत्रता के अमृत काल में मध्य प्रदेश…
 16 March 2025
अमुमन सभी समाज में सोश्यल ग्रुप बने हैं, सोश्यल ग्रुपों की स्थापना का मकसद आपसी मैत्री और सामाजिक तालमेल बडाने को ध्यान में रखकर की गई होगी परंतु धीरे-धीरे यही…
 12 March 2025
मध्‍य प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025 को "उद्योग वर्ष’’ घोषित किया गया है। वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में द्वि‍तीयक क्षेत्र में 2.73 लाख करोड़ रूपये के सकल मूल्‍य वर्धन तक पहॅुच…
 08 March 2025
भोपाल I अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर माखनलाल चतुर्वेदी की छात्रा ने महिलाओं के बारे में  बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस दुनियाभर में 8 मार्च के दिन मनाया जाता हैं। इस…
 04 March 2025
सत्य की खोज दो मार्गों से हो सकती है।एक पुरुष का मार्ग है—आक्रमण का, हिंसा का, छीन—झपट का। एक सी का मार्ग है—समर्पण का, प्रतिक्रमण का।विज्ञान पुरुष का मार्ग है;…
 02 March 2025
2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में कांग्रेस के तेजी से खिसकते जनाधार को लेकर उसका चिंतित होना स्वाभाविक है, क्योंकि यहां पर उसका मजबूत…
 28 February 2025
तमिलनाडु में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की बिसात बिछ गई है। सत्तारूढ़ डीएमके ने जहां भाषा युद्ध और परिसीमन में संभावित अन्याय को मुद्दा बनाकर मोदी सरकार और…
 28 February 2025
भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर सम्मिट सफलता पूर्वक संपन्न हुई है। आठ विश्व स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन में राजधानी भोपाल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई यह पहली ग्लोबल इनवेस्टर मीट है।यह विक्रमादित्य सम…
Advt.