कमलेश्वर पटेल, ओमकार सिंह मरकाम, कुणाल चौधरी राष्ट्रीय फलक पर विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल ही रहे थे कि वहीं अब हाल ही में मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विधायक डॉ. विक्रान्त भूरिया को अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है। दिल्ली के विधानसभा चुनाव में भी पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन छानबीन समिति मे थीं और वहीं पूर्व विधायक प्रियव्रत सिंह वाररुम की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ब्लाक व जिला इकाइयों में भी पचास प्रतिशत पद युवाओं को देने की तैयारी चल रही है। विधानसभा चुनाव में हारने और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के एक प्रकार से सफाये के बाद अब पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने की ओर हो रहा है। प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का अवसर दिया जा रहा है। आदिवासी वर्ग से आने वाले कांग्रेस के विधायक ओमकार सिंह मरकाम केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य हैं। पिछड़े वर्ग से आने वाले कमलेश्वर पटेल राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं और कुणाल चौधरी राष्ट्रीय सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दिल्ली के विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री विधायक सचिन यादव को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया था। विधानसभा चुनाव के बाद जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष और उमंग सिंघार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के साथ हेमंत कटारे को उपनेता प्रतिपक्ष बनाया गया। यह सब कांग्रेस में पीढ़ी परिवर्तन का परिचायक माना जा रहा है।
-संपादक