Select Date:

आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा, रायसेन के प्राइवेट हॉस्पिटल ने 29 मरीजों को जबरन 7 दिन भर्ती रखा, इलाज मिला नहीं, पैसा काटे

Updated on 26-08-2026 12:00 PM

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बाद अब रायसेन जिले में भी आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जी क्लेम का बड़ा मामला सामने आया है। यहां के मंडीदीप स्थित एक निजी अस्पताल पर आरोप है कि उसने गांवों में बकायदा स्वास्थ्य शिविर लगाकर मामूली बीमारियों वाले मरीजों को खोजा।

उसके बाद सरकारी क्लेम हासिल करने के लिए बेवजह सात दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखा। मरीजों ने कहा कि उन्हें इलाज का कोई फायदा नहीं मिला, जबकि उनके आयुष्मान कार्ड से पैसे कट गए

स्वास्थ्य शिविर की आड़ में मरीजों की तलाश

  • रायसेन जिले के सांचेती और आसपास के गांवों में अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाए थे। ग्रामीणों के मुताबिक, 15 जुलाई को पंचायत भवन में कैंप लगा, जहां लोगों की जांच के साथ-साथ उनके आयुष्मान कार्ड भी वेरिफाई किए।
  • उसके बाद बीपी, शुगर, घुटनों के दर्द और कम सुनाई देने जैसी आम समस्याओं वाले 17 मरीजों को एक ही दिन गाड़ी में भरकर मंडीदीप के 'सार्थक मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल' ले गए। इसके अगले दिन विशनखेड़ी में भी ऐसा ही शिविर लगाकर करीब 12 लोगों को अस्पताल ले जाया गया।
  • फर्जी क्लेम पास कराने के लिए 7 दिन तक रोके रखा

    • मरीजों को अस्पताल में बिना गंभीर बीमारी के भी हफ्तों तक भर्ती रखा। दरअसल, आयुष्मान योजना के नियमों के मुताबिक, क्लेम क्लीयर कराने के लिए मरीजों की दैनिक निगरानी और न्यूनतम भर्ती का रिकॉर्ड पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होता है।
    • एक या दो दिन में छुट्टी देने पर नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) या एंटी-फ्रॉड टीम क्लेम रिजेक्ट कर सकती है, इसलिए अस्पताल प्रबंधन कागजों पर 'गंभीर इलाज' दिखाने के लिए मरीजों को जबरन 5 से 7 दिन रोककर रखता है, जिससे 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक का पूरा पैकेज आसानी से हासिल किया जा सके।

    न इलाज मिला, न आसानी से मिली छुट्टी

    • अस्पताल में भर्ती किए गए मरीजों का अनुभव बेहद निराशाजनक रहा। 85 वर्षीय भगवती बाई को महज घुटनों और हाथ-पैर दर्द की शिकायत पर आठ दिन तक अस्पताल में रखा गया। सांस की बीमारी से पीड़ित 70 वर्षीय मातादीन राजपूत को बड़ी मुश्किल से अस्पताल से छुट्टी मिल सकी।
    • जशोदाबाई केवट ने कहा कि उन्हें घुटने में दर्द और कम सुनाई देने की समस्या थी, लेकिन अस्पताल में इतने दिन गुजारने के बाद भी उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। क्लेम की अवधि पूरी होने के बाद अस्पताल ने सभी को छुट्टी देकर वापस उनके गांव छोड़ दिया।

    आरोपियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

    वहीं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताया है। मामले की जांच कर नियम अनुसार कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 26 August 2026
 भोपाल। ट्रेन निरस्त होने के बाद टिकट की पूरी राशि में से 2110 रुपया वापस नहीं करना रेलवे और आइआरसीटीसी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग ने इसे सेवा…
 26 August 2026
भोपाल : ढाई साल में विभागों ने कौन-कौन से महत्वपूर्ण काम किए, कितने रह गए और उनके क्या परिणाम आए, इसकी सभी मंत्री दो दिन का विभागीय चिंतन शिविर आयोजित…
 26 August 2026
भोपाल : सजा से लेकर अर्थदंड तक के प्रविधान करने के बाद भी मध्य प्रदेश में पराली जलाने की घटनाएं कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। एक अप्रैल…
 26 August 2026
भोपाल : राजधानी में मंत्रालय सहित विंध्याचल और सतपुड़ा भवनों से लेकर जिला स्तर के कार्यालयों तक बायोमैट्रिक अटैंडेंस की व्यवस्था प्रारंभ की जाए। अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें…
 26 August 2026
भोपाल। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेश भर में दूध और इससे बने उत्पादों की जांच के लिए 20 जुलाई से चलाए जा रहे विशेष अभियान में अभी तक…
 26 August 2026
भोपाल : नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती वर्ग-दो और वर्ग-तीन के पदों में वृद्धि की मांग को लेकर अनशन कर रहे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत को मंगलवार को पुलिस धरना स्थल…
 26 August 2026
अयोध्या के राम मंदिर में दान से जुड़े विवाद के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार सतर्क हो गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश के मंदिरों और अन्य धार्मिक…
 26 August 2026
 राजनांदगांव। त्योहारी सीजन के बीच यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। सितंबर और अक्टूबर में रेल सफर करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दक्षिण पूर्व…
 26 August 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बाद अब रायसेन जिले में भी आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जी क्लेम का बड़ा मामला सामने आया है। यहां के मंडीदीप स्थित एक…
Advt.