भोपाल की रहने वाली देवकी अधिकारी ने बताया कि उनके अपने परिवार के चार सदस्य भी इस लापता समूह का हिस्सा हैं। उन्होंने दर्दनाक आपबीती साझा करते हुए बताया कि यात्रा के दौरान अचानक बाढ़ आने की सूचना मिली।
देवकी अधिकारी ने बताया कि बीते दिन प्रातः लगभग 9:30 बजे परिजनों से अंतिम बार बातचीत हो सकी थी। फोन पर डूबते हुए लोगों ने कहा, "मकान आधा जलमग्न हो चुका है, हमारे बचने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। हमारे पीछे हमारे मासूम बच्चों का ध्यान रखना।"