
भोपाल। शहर के सबसे प्रदूषित पातरा नाले को स्वच्छ बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। अमृत 2.0 योजना के तहत भानपुर खंती के पास 60 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाया जा रहा है। इसके लिए प्रारंभिक खुदाई कार्य शुरू हो चुका है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के दूषित पानी को उपचारित कर उसे हलाली डैम तक स्वच्छ रूप में पहुंचाना है।
पातरा नाला मध्य और नरेला विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरता है और शहर का सबसे बड़ा नाला माना जाता है। यह नाला भानपुर खंती के पास हलाली डैम में जाकर मिलता है। नगर निगम के सर्वे के अनुसार, नरेला विधानसभा क्षेत्र का लगभग 70 प्रतिशत सीवेज इसी नाले में गिरता है, जिससे प्रदूषण की गंभीर समस्या बनी हुई है।
करीब एक वर्ष पहले नगर निगम ने इस नाले को अमृत 2.0 योजना में शामिल किया था। इस परियोजना के तहत चार पैकेज में टेंडर जारी किए गए हैं। कुल 402 करोड़ रुपये की लागत से इस योजना में लगभग 10 ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में सीवेज नेटवर्क बिछाने का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
भानपुर खंती में बन रहे एसटीपी को नरेला विधानसभा क्षेत्र से जोड़ने के लिए लगभग 273 किलोमीटर लंबी सीवेज लाइन बिछाई जाएगी। इस कार्य के लिए जनवरी 2026 में वर्कऑर्डर जारी किया गया था और इसे तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वर्ष 2015 में नगर निगम द्वारा एडीबी योजना के तहत विशाल शादी हॉल से कोलुआ पंप हाउस तक सीवेज लाइन बिछाई गई थी, जो वर्तमान में बंद पड़ी है। नए एसटीपी के तैयार होने के बाद इस पुरानी लाइन को पुनः चालू किया जाएगा। इसके लिए करीब 9 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
60 एमएलडी क्षमता वाला यह एसटीपी जनवरी 2029 तक नगर निगम को हैंडओवर किया जाएगा। इसके चालू होने के बाद पातरा नाले का गंदा पानी उपचारित कर ही हलाली डैम में छोड़ा जाएगा, जिससे पर्यावरण को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।