Select Date:

भोपाल नवाब की पत्नी द्वारा बेची गई 30 एकड़ जमीन का सौदा फिर गरमाया

Updated on 07-07-2026 08:17 PM
भोपाल। भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्ला खां की दूसरी पत्नी व पाकिस्तान निवासी आफताब जहां बेगम द्वारा वर्ष 1994 में भोपाल के बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि बेचने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को साक्ष्यों सहित शिकायत देकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया है कि शत्रु संपत्ति अधिनियम लागू होने के बावजूद पाकिस्तान निवासी होने का तथ्य छिपाकर करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि का सौदा किया गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि भी हो सकती है।

चार किश्तों में लेने का अनुबंध किया गया था

अमिताभ अग्निहोत्री ने दावा किया है कि 31 मई 1994 को आफताब जहां बेगम ने बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपये में बेच दी। शिकायत के अनुसार सौदे के समय केवल 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए, जबकि शेष 29 लाख रुपये चार किश्तों में लेने का अनुबंध किया गया था।

स्वीकृतियों की वैधता की जांच की जानी चाहिए

वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों के अनुसार आफताब जहां बेगम के नाम बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान निवासी होने के कारण यह संपत्ति शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ सकती थी। इसलिए इसकी खरीद-बिक्री, नामांतरण, भवन अनुमति और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियों की वैधता की जांच की जानी चाहिए।

शिकायत में यह भी मांग की गई है कि बिक्री के समय आफताब जहां बेगम भारत में मौजूद थीं या नहीं, उनके पासपोर्ट और यात्रा अभिलेखों का सत्यापन किया जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि भूमि सौदे में काले धन का इस्तेमाल या स्टाम्प ड्यूटी की चोरी तो नहीं हुई।

शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कस्टोडियन विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व, कलेक्टर और एडीएम भोपाल को भी भेजी गई है।

शिकायत में उठाए गए प्रमुख सवाल

  • क्या पाकिस्तान निवासी होने के बावजूद भूमि की बिक्री वैध थी?
  • क्या संबंधित जमीन शत्रु संपत्ति घोषित की जानी चाहिए थी?
  • क्या नामांतरण और भवन अनुमति नियमों के अनुरूप जारी हुई?
  • क्या सरकार को स्टाम्प ड्यूटी का नुकसान हुआ?
  • क्या भूमि सौदे में ब्लैक मनी का इस्तेमाल हुआ?

क्या है शत्रु संपत्ति कानून?

भारत में शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत उन व्यक्तियों की संपत्तियां, जिन्होंने शत्रु देश की नागरिकता ग्रहण कर ली, केंद्र सरकार के कस्टोडियन के नियंत्रण में लाई जा सकती हैं। हालांकि किसी विशेष संपत्ति पर यह कानून लागू होता है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी और न्यायालय उपलब्ध अभिलेखों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर करते हैं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 July 2026
राजधानी भोपाल से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन के लिए बनाई गई आदमपुर कचरा खंती अब आसपास के 10 गांवों के लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है।…
 07 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सोमवार को मंत्रालय…
 07 July 2026
भोपाल। भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्ला खां की दूसरी पत्नी व पाकिस्तान निवासी आफताब जहां बेगम द्वारा वर्ष 1994 में भोपाल के बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि बेचने…
 07 July 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग ने मंगलवार को कक्षा 5वीं व 8वीं की पुन: परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए। विद्यार्थी व अभिभावक राज्य शिक्षा केन्द्र के परीक्षा…
 07 July 2026
भोपाल। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश की मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यकता…
 07 July 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के नवनियुक्त 10 कनिष्ठ अभियंताओं (सिविल) का छह सप्ताह का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान, नागपुर में आयोजित किया गया। अभियंताओं को ताप…
 07 July 2026
भोपाल। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को टी.टी. नगर स्टेडियम में आगामी एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों से मुलाकात…
 07 July 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के शक्ति भवन मुख्यालय में "साइबर सिक्योर 2026" अभियान के अंतर्गत साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश साइबर पुलिस के…
 07 July 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में "सेफ क्लिक 2.0" अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। 24 जून 2026 से प्रारंभ इस विशेष अभियान का उद्देश्य नागरिकों को साइबर…
Advt.