अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार
- कम बारिश अब केवल खेती-किसानी की समस्या नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक संकट बन चुका है।
- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने वर्षा के अनुमान को घटाकर दीर्घकालिक औसत का 90% कर दिया है, जो पिछले 11 वर्षों में सबसे कमजोर मानसून का अनुमान है।
- चूंकि खरीफ की फसल भारत के कुल अनाज उत्पादन का लगभग 50% हिस्सा होती है और कृषि क्षेत्र में देश का 46% कार्यबल कार्यरत है। इसलिए कमजोर मानसून सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था की रीढ़ पर चोट करता है।









