इस एक्ट्रेस ने 70 के दशक में साउथ फिल्म इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया था। इसे मलयालम सिनेमा की 'मर्लिन मुनरो' भी कहा जाता था, लेकिन एक डायरेक्टर की जानबूझकर की गई गलती के कारण इसे जान देकर खामियाजा भुगतना पड़ा था। यह थीं मलयालम सिनेमा की स्टार हीरोइन विजयाश्री। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने उनके आपत्तिजनक और निर्वस्त्र सीन चुपके से शूट कर लिए और फिर बाद में उन्हें फिल्म में इस्तेमाल भी किया। लाख गिड़गिड़ाने पर भी नहीं हटाए। बताया जाता है कि इसके बाद विजयाश्री ने तंग आकर जान दे दी थी। कुछ यह भी कहते हैं कि उनकी हत्या की गई थी। और जिस डायरेक्टर ने विजयाश्री के साथ ऐसी हरकत की थी, उसके साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसे लोगों ने 'भुतहा' करार दिया और दावा किया कि इसके पीछे विजयाश्री की आत्मा थी। पूरी कहानी यहां बता रहे हैं:8 साल में 78 फिल्में, ज्यादातर रहीं सुपरहिट
मलयाली परिवार में पैदा हुईं विजयाश्री ने साल 1966 में तमिल फिल्म 'चिट्ठी' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी, जबकि मलयालम सिनेमा में पहली फिल्म 'पूजापुष्पम' थी, जो साल 1969 में आई थी। इसके बाद उन्होंने वहां कई फिल्में की। वह शीला, जयाभारती और प्रेम नजीर जैसे स्टार्स के साथ भी फिल्मों में नजर आईं। प्रेम नजीर के साथ तो विजयाश्री ने करीब फिल्में कीं और सभी हिट रहीं। बल्कि विजयाश्री और प्रेम नजीर की जोड़ी ने अपने करियर की सबसे बड़ी 8 फिल्में दी थीं।खूबसूरती के थे चर्चे और वही बनी मुसीबत, 21 की उम्र में मौत
हालांकि, विजयाश्री फिल्मों से ज्यादा अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर थीं, लेकिन यही खूबसूरती उनके लिए मुसीबत बन गई थी। विजयाश्री ने अपने 8 साल के करियर में करीब 78 फिल्में कीं और सभी को हैरान कर दिया था। उनकी ज्यादातर फिल्मों को डायरेक्टर कुंचाको ने डायरेक्ट किया था, लेकिन उनकी एक हरकत ने विजयाश्री को इस कदर तोड़ दिया था कि उन्होंने कुंचाको से नाता तोड़ लिया और किसी और डायरेक्टर संग काम करने लगीं। फिर कुछ समय बाद 21 साल की उम्र में मौत को गले लगा लिया।1973 की घटना, शूट में उतरे कपड़े, डायरेक्टर ने चुपके से रिकॉर्ड कर लिया
बताया जाता है कि बात साल 1973 में आई फिल्म 'पोन्नापूरम कोट्टा' की शूटिंग से बिगड़ी, जिसमें विजयाश्री लीड रोल में थीं और डायरेक्टर कुंचाको थे। एक बार विजयाश्री इस फिल्म के एक गाने की शूटिंग कर रही थीं। इसमें एक सीन में उन्हें झरने के नीचे नहाना था। कपड़े भी उन्हें उसी हिसाब के पहने थे यानी ट्रांसपैरेंट। अचानक की विजयाश्री के कपड़े खुल गए और वो निर्वस्त्र हो गईं। विजयाश्री ने तुरंत ही कपड़े संभाले और किसी तरह खुद को ढका, पर तब तक डायरेक्टर ने उन आपत्तिजनक पलों को कैमरे में कैद कर लिया। यह सब उन्होंने चुपके से किया और विजयाश्री को भनक तक नहीं लगने लगी।
विजयाश्री खूब गिड़गिड़ाईं कि वो सीन हटाओ, पर डायरेक्टर नहीं माने
बताया जाता है कि विजयाश्री को इस बारे में तब पता चला, जब उनके आपत्तिजनक सीन्स फिल्म के पोस्टर्स और मार्केटिंग में दिखाए जाने लगे। वह डायरेक्टर के आगे खूब गिड़गिड़ाईं कि फिल्म से उनके उन सीन्स को हटा दिया जाए, पर डायरेक्टर ने एक नहीं सुनी और उन्हीं सीन्स के साथ फिल्म भी रिलीज कर दी। ऐसा डायरेक्टर ने दर्शकों को लुभाने के लिए किया। हुआ भी ऐसा ही। थिएटर्स में खूब भीड़ उमड़ी और फिल्म सुपरहिट हो गई, पर इससे विजयाश्री की जिंदगी खराब हो गई।दे दी जान, घर पर मिला था जहर, ब्लैकमेल कर रहा था फोटोग्राफर
विजयाश्री इस कदर परेशान हो गईं कि फिल्म रिलीज होने के एक साल बाद यानी 1974 में उन्होंने जान दे दी। 'केरल कौमुदी डॉट कॉम' की 2024 में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, विजयाश्री 21 साल की उम्र में अपने घर पर मृत पाई गई थीं। मौत का कारण जहर बताया गया। उनके पूजा वाले कमरे से जहर की एक शीशी मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हो गई थी कि विजयाश्री ने कुछ घातक पदार्थ खा लिया था। वहीं, 'मलयाली समयन डॉट कॉम' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि जिस फिल्म में विजयाश्री का निर्वस्त्र सीन धोखे से शूट करके शामिल किया गया था, उसी का फोटोग्राफर उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। स्थिति बिगड़ी तो विजयाश्री ने तंग आकर ऐसा कदम उठाया था।मौत के 52 साल बाद भी गुत्थी अनसुलझी, सुसाइड या हत्या?
विजयाश्री की मौत को 52 साल हो चुके हैं, पर आज भी यह गुत्थी अनसुलझी है कि उन्होंने खुदकुशी की थी या फिर हत्या की गई थी? कुछ लोगों ने दावा किया था कि विजयाश्री की हत्या की गई क्योंकि वह कुछ दिनों पहले तक बेहद खुश थीं। उनकी एक डॉक्टर से शादी होने वाली थी और फिर वह विदेश में बस जातीं, पर उससे पहले ही यह अनहोनी हो गई।डायरेक्टर की 2 साल में मौत, स्टूडियो भी डूबा, विजयाश्री की आत्मा
विजयाश्री की मौत के बाद डायरेक्टर कुंचाको के भी उलटे दिन शुरू हो गए। विजयाश्री की मौत के दो साल बाद ही कुंचाको की मौत हो गई और 'उदय स्टूडियोज' नाम के जिस प्रोडक्शन हाउस को उन्होंने शुरू किया था, वह भी बंद होने की कगार पर पहुंच गया। दावा किया जाता है कि कुंचाको के प्रोडक्शन हाउस ने जितनी भी फिल्में बनाईं, वो सब बुरी तरह फ्लॉप हो गईं, जिससे प्रोडक्शन हाउस भी डूब गया। रहस्यमय मौतें होने लगीं, जिससे अफवाहें फैल गईं कि कुंचाको के उस स्टूडियो में विजयाश्री की आत्मा है। जो स्टूडियो कभी फलता-फूलता रहा, वह कर्ज में डूबकर वीरान हो गया। उसके पतन का कारण विजयाश्री को ही माना गया। इस किस्से का जिक्र 'रेडिट' पर भी है।