हालांकि, इस्तीफे की वजह नहीं बताई गई है। 65 साल के कुरियन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के पद पर थे। वे अगस्त 2024 से मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे।
बतौर राज्यसभा सांसद 21 जून को ही उनका कार्यकाल खत्म हुआ था। भाजपा ने उन्हें फिर से उम्मीदवार नहीं बनाया था। कुरियन केरल में भाजपा के सीनियर नेताओं में एक हैं। माना जा रहा है कि हाल ही में केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न करने की वजह से उन्हें फिर से मौका नहीं मिला।
मोदी-शाह के भाषणों को ट्रांसलेट करते थे कुरियन
कुरियन केरल के प्रमुख ईसाई संप्रदाय सीरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से आते हैं। वे टीवी डिबेट्स में भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं। कुरियन केरल दौरों के दौरान पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों का मलयालम में ट्रांसलेशन भी करते रहे हैं।
2024 में मोदी 3.0 सरकार में उनकी नियुक्ति को केरल में ईसाई समुदाय के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा गया था। हालांकि, मई 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में 140 में से BJP को सिर्फ 3 सीटों पर जीत मिली थी।
कुरियन सहित दो केंद्रीय मंत्रियों का राज्यसभा चुनाव में कटा था
12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव हुआ था। इनमें झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, मिजोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और गुजरात शामिल हैं।
26 में से 23 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इनमें 19 सीटें NDA को, इंडिया ब्लॉक को 6 और एक सीट मिजोरम की जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) को मिली। भाजपा ने 4 जून को उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी।
इनमें केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को दोबारा उम्मीदवार नहीं किया था। दोनों का टिकट कटने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चा शुरू हो गई है।
कुरियन से पहले दक्षिण भारत में अन्नामलाई भी इस्तीफा दे चुके
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे से पहले भाजपा को दक्षिण भारत में एक और बड़ा झटका लगा था। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल के. अन्नामलाई ने 2 जून को पार्टी से इस्तीफा दिया। 5 जून का इस्तीफा मंजूर हुआ, तो अन्नामलाई ने अपने नए ‘पॉलिटिकल मूवमेंट’ का ऐलान कर दिया।
वे 14 सितंबर को अपनी नई पार्टी के नाम, नीति और संगठन की घोषणा करेंगे। उनकी पार्टी 2031 में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। अन्नामलाई पूर्व IPS अधिकारी हैं। भाजपा ने उन्हें तमिलनाडु में अपना सबसे बड़ा चेहरा बनाकर आगे बढ़ाया था।