'जनरल कैटेगरी के छात्रों भारत में कभी खत्म नहीं होगा आरक्षण, विदेश जाओ', भारतीय इनवेस्टर की सलाह, छिड़ी बहस
Updated on
21-09-2026 12:20 PM
दुबई: भारत में आरक्षण को लेकर चल रहे विवाद और मेरिट की लड़ाई के बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। मशहूर इनवेस्टर अक्षत श्रीवास्तव ने देश के लाखों जनरल कैटेगरी के छात्रों को सलाह दी है कि उनमें काबिलियत है और दुनिया के कई ऐसे देश हैं जहां उन्हें बेहतरीन नौकरियां मिल सकती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि 'अगर आपको देश से बाहर जाने का मौका मिले तो बिना सोचे चले जाएं।'
दुबई में रहने वाले भारतीय निवेशक अक्षत श्रीवास्तव ने तर्क दिया है कि कोई भी राजनीतिक दल सत्ता में आए भारत में आरक्षण खत्म नहीं होने वाला है। ऐसे में मेरिट पर भरोसा करने वाले छात्रों को UAE, थाईलैंड और जापान जैसे देशों में अपने लिए वित्तीय आजादी की राह तलाशनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया है कि कई देशों में नौकरी करने वाले लोग ही नहीं मिल रहे हैं और उन्हें हूनरमंद और काबिल लोनों की जरूरत है तो जनरल कैटोगिरी के छात्र उन देशों की तरफ रूख कर सकते हैं।
जनरल कैटेगरी के भारतीय छात्रों के लिए कहां हैं मौके?
अक्षत श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है 'अगर आपको कभी विदेश जाने का मौका मिले तो जरूर जाएं। बिना सोचे-समझे जाएं। यह बात खासकर उन जनरल कैटेगरी के छात्रों के लिए सही है जो मेरिट के आधार पर मुकाबला करते हैं।' उन्होंने आगे लिखा है 'देखिए कोई भी राजनीतिक पार्टी सत्ता में आए आरक्षण जैसी चीजें खत्म नहीं होने वाली हैं। जैसे-जैसे रिसोर्स कम होंगे मुफ़्त की चीजें यानि फ्रीबीज बढ़ेंगी। इसलिए राजनीति पर उम्मीदें न रखें।'
अक्षत श्रीवास्तव ने आगे लिखा है 'आपका एकमात्र असली सहारा आपकी मेहनत और आपकी कमाई है। आपको अपने लिए मौके खुद बनाने होंगे। सरकार आपके लिए ऐसा नहीं करेगी। सबसे पहले आर्थिक रूप से मजबूत बनें। विदेश में रहने से आपको बहुत तेजी से आर्थिक आजादी मिल सकती है। एक बार जब आप ऐसा कर लें तो जब चाहें भारत वापस आ सकते हैं।'
आरक्षण पर बहस के बीच जनरल कैटेगरी छात्रों के लिए वायरल सलाह
अपने एक और सोशल मीडिया पोस्ट में अक्षत श्रीवास्तव ने लिखा है 'मैं लंबे समय तक सिंगापुर, UAE और थाईलैंड में रहा हूं। विदेश जाने के बारे में 2026 में मैं आपको ये बातें बताऊंगा।' उन्होंने कुछ प्वाइंट्स लिखे हैं।
1- ऐसा करना मुमकिन है। जो कोई भी आपको इसके उलट कुछ कहता है उसे पूरी जानकारी नहीं है।
2- Agoda जैसी कंपनियां अभी भी अपने थाईलैंड ऑफिस के लिए बहुत से भारतीयों को हायर कर रही हैं।
3- वीजा की वजह से US जाने का पढ़ाई वाला रास्ता मुश्किल हो गया है। बड़े यूरोपीय देशों के साथ भी ऐसा ही है। विदेश जाकर पढ़ाई करने और नौकरी पाने का पुराना तरीका तेजी से खत्म हो रहा है।
4- लेकिन कई देश ऐसे हैं जो भारतीयों के लिए अपने दरवाजे खोल रहे हैं।
5- आने वाले सालों में इस बात की अच्छी संभावना है कि UAE में पढ़ाई करने वालों के लिए और भी व्यवस्थित रास्ते बनेंगे।
6- कई देशों में आबादी घट रही है जैसे जापान। अगर आप जापानी भाषा सीखने की कोशिश करते हैं तो कई रास्ते खुल जाएंगे।
उन्होंने लिखा है कि 'इसमें कोई शक नहीं कि रास्ता मुश्किल हो गया है। लेकिन अगर आप टॉप 1 प्रतिशत छात्रों में शामिल हैं नेटवर्किंग करने और मेहनत करने को तैयार हैं तो आपको नौकरी मिल जाएगी। मैंने भारत से 3 लोगों को हायर किया था और उन्हें UAE में नौकरी दिलाई।'
नोट- नवभारत टाइम्स अक्षत श्रीवास्तव की बातों का समर्थन नहीं करता। ये उनके निजी विचार हैं और पाठकों को सलाह दी जाती है कि वो अपने विवेक और सोच-समझ के आधार पर कोई फैसला करें।
वहीं उनके पोस्ट पर कासिफ रजा नाम के एक यूजर ने लिखा है कि फरवरी 2026 के बाद दुनिया पहले जैसी नहीं रही है। आप कहां जाएंगे? यूएई, सऊदी, ईरान, पोलैंड, जर्मनी, जापान, यूएसए, रूस, कनाडा या कुवैत? उन्होंने लिखा है कि मलेशिया सही है लेकिन वहां काफी ज्यादा सख्ती है। सिंगापुर एक अच्छा विकल्प है लेकिन वहां एंट्री पाना इतना आसान नहीं है। समय काफी मुश्किल है।
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