भारत का 'गगनयान' बनाम पाकिस्तान का स्पेस मिशन
एक तरफ भारत अपने ऐतिहासिक 'गगनयान' मिशन के जरिए पूरी तरह स्वदेशी तकनीक और अपने ही रॉकेट से भारतीय एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ आर्थिक और तकनीकी पिछड़ेपन से जूझ रहे पाकिस्तान को ऑर्बिट तक पहुंचने के लिए पूरी तरह से चीन की 'बैसाखी' का सहारा लेना पड़ रहा है।भारत की स्पेस एजेंसी ISRO जहां आज दुनिया के लिए कमर्शियल सैटेलाइट्स लॉन्च कर रही है वहीं पाकिस्तान की एजेंसी SUPARCO अपने गठन के दशकों बाद भी स्वतंत्र रूप से एक मानव मिशन लॉन्च करने लायक नहीं है। इसीलिए चीन सिर्फ एक हफ्ते के लिए पाकिस्तानी पायलट को अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजेगा और एक हफ्ते बाद वापस भेज देगा।

