भोपाल। आपराधिक न्याय प्रणाली में देरी की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। करीब छह साल पहले शहर को हिला देने वाले नाबालिग बालिकाओं के यौन शोषण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले का मुख्य आरोपित न्यायालय में पलट गया। उसने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। लिहाजा, अब न्यायालय में उसका ट्रायल शुरू होगा। यह तब है, जब पुलिस ने सभी सात आरोपितों के विरुद्ध 2020 में आरोप-पत्र दाखिल कर दिया था।
पुलिस ने वर्ष 2020 में ही आरोप-पत्र दाखिल कर दिया था। प्राथमिकी में शाहपुरा स्थित विष्णु हाइटेक सिटी के फ्लैट को घटना स्थल के रूप में दर्ज किया गया। खास बात यह है कि अगले पांच साल तक इस आरोप-पत्र पर विचार तक शुरू नहीं हो पाया। पिछले दिनों मुख्य आरोपित को आरोप-पत्र सुनाया गया, जिसमें लगे आरोपों से उसने इन्कार कर दिया।