अस्सी के दशक में जिस तरह रामानंद सागर की 'रामायण' ने तहलका मचा दिया था, उसी तरह बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' का भी खूब जलवा था। इन दोनों पौराणिक सीरियलों को आज तक कोई टक्कर नहीं दे पाया। 'रामायण' के कलाकारों की तरह ही 'महाभारत' के कलाकार और किरदार भी हमेशा के लिए दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ गए। 'महाभारत' का ऐसा ही एक कलाकार रहा, जिसने धृतराष्ट्र का किरदार निभाया था, और हमेशा के लिए दर्शकों के दिलों में बस गया। इस किरदार को एक्टर गिरिजा शंकर ने निभाया था। गिरिजा शंकर ने धृतराष्ट्र के किरदार में जो जान डाली, उससे वह किरदार हमेशा के लिए अमर हो गया। आज भी लोग उन्हें इसके लिए याद करते हैं। हालांकि, गिरिजा शंकर कई साल पहले देश के साथ-साथ फिल्म और टीवी इंडस्ट्री भी छोड़ चुके हैं। उन्होंने विदेश में डेरा डाल लिया। गिरिजा शंकर ने ऐसा क्यों किया था? इस बारे में एक इंटरव्यू में बताया था। साथ ही बताया था कि धृतराष्ट्र का किरदार निभाने से उनकी क्या हालत हो गई थी और क्या मुश्किलें आई थीं।पंजाब में पले-बढ़े, बनना था एयरफोर्स अफसर, ऐसे पलटी किस्मत
गिरिजा शंकर का पंजाब के रहने वाले हैं, और उनका बचपन पटियाला में बीता। हालांकि, वह कभी एक्टर नहीं बनना चाहते थे। बल्कि बचपन से हउनका सपना एयरफोर्स में जाने का था। इसलिए एयरफोर्स का एंट्रेंस एग्जाम भी दिया था, पर उसमें वह फेल हो गए। इसके बाद गिरिजा शंकर ने एक्टिंग का रुख किया और पृथ्वी थिएटर में काम करने लगे। उसी दौरान बीआर चोपड़ा की नजर उन पर पड़ी थी और किस्मत चमक उठी। दरअसल, तब गिरिजा शंकर पृथ्वी थिएटर में एक प्ले कर रहे थे, और बीआर चोपड़ा ने उनकी परफॉर्मेंस की तारीफ की।बीआर चोपड़ा ने दिया था मौका, ऐसे मिला धृतराष्ट्र का किरदार
इसके बाद बीआर चोपड़ा ने गिरिजा शंकर को अपनी फिल्म 'आज की आवाज' में मौका दिया। रोल छोटा था, पर अच्छा था। इसके बाद 'बहादुर शाह जफर' में भी एक दमदार रोल ऑफर किया और फिर 'महाभारत' मिला। उन्हें 'महाभारत' में कौरवों के पिता धृतराष्ट्र का रोल दिया गया, जो नेत्रहीन थे। गिरिजा शंकर उस वक्त 28 साल के थे। जब उन्हें यह रोल दिया गया, तो हिचक रहे थे क्योंकि युवावस्था में उन्हें पर्दे पर एक बुजुर्ग किरदार निभाना था।
धृतराष्ट्र बनने को लेकर हिचक रहे थे गिरिजा शंकर, यह बोले थे
इस बारे में एक्टर ने साल 2020 में 'हिंदुस्तान टाइम्स' को दिए इंटरव्यू में बताया था। उन्होंने कहा था, 'जब मुझे यह किरदार निभाने का ऑफर मिला था, तो सचमुच थोड़ा हिचक रहा था क्योंकि 'महाभारत' में धृतराष्ट्र के महत्व के बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी थी। एक दिन ऑफिस में सभी लोग बैठे थे और मैंने उनसे कहा कि आप लोग ये किरदार मुझे क्यों दे रहे हैं? तो उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आप ही यह किरदार निभाएं क्योंकि इसका बाकी सभी किरदारों से कहीं अधिक महत्व है। फिर उन्होंने मुझे एक किताब दी, जिस पर 'महाभारत' सीरियल आधारित था। मैंने पढ़ना शुरू किया और 4-5 दिनों के बाद मुझे एहसास हुआ कि वास्तव में यही 'मुख्य किरदार' है क्योंकि महाभारत की शुरुआत और अंत उन्हीं से होता है, बाकी सब बाद में आते हैं।'धृतराष्ट्र का रोल निभाकर हो गई थी ऐसी हालत, बताई थीं मुश्किलें
गिरिजा शंकर ने फिर बताया था कि उन्हें धृतराष्ट्र का किरदार निभाने में क्या मुश्किलें आई थीं और कैसी हालत हो गई थी। एक्टर के मुताबिक, उन्हें दो साल तक एक ही जैसा लुक और एक ही पोस्चर मेनटेन करना पड़ा। वह एक ही पोस्चर में बैठते थे। गिरिजा शंकर बोले थे, 'मुझे दो साल से अधिक समय तक एक ही लुक और एक ही पोस्चर मुद्रा बनाए रखना पड़ा। मैं बहुत थक जाता था क्योंकि मुझे अपनी आंखों को सीधा देखने के लिए ट्रेन करना पड़ता था और कभी-कभी शूटिंग के बीच में थोड़ा ब्रेक लेना पड़ जाता था।'गिरिजा शंकर ने इन टीवी शोज और फिल्मों में किया काम
धृतराष्ट्र के किरदार की तैयारी के लिए गिरिजा शंकर कुछ ऐसे स्कूलों में गए थे, जहां नेत्रहीन बच्चे पढ़ते थे। जब गिरिजा शंकर ने धृतराष्ट्र का किरदार निभाया, तो शो के मेकर्स और पूरी टीम उन पर फिदा हो गई थी। रवि चोपड़ा ने उन्हें गले लगा लिया था। बाद में गिरिजा शंकर ने और फिर टीवी शोज और फिल्में कीं, पर उन्हें वैसी लोकप्रियता फिर नहीं मिल पाई, जैसी 'महाभारत' से मिली थी। वह 'बुनियाद', 'उतरन' और रामानंद सागर के सीरियल 'अलिफ लैला' का भी हिस्सा रहे थे। उन्होंने 'गद्दार: द ट्रेटर', 'अब आएगा मजा', 'प्रतिज्ञाबध', 'जुर्म', 'गुनाहगार', 'शिवा' और 'पुलिसवाला गुंडा' जैसी फिल्में भी कीं।सब छोड़कर लॉस एंजेलिस में डाला डेरा, प्रोडक्शन हाउस खोला
हालांकि, इसके बाद गिरिजा शंकर फिल्मों के साथ टीवी शोज और देश छोड़कर लॉस एंजेलिस में बस गए। बाद में उन्होंने उसी को अपना ठिकाना बना लिया। बीवी-बच्चे भी वहीं बस गए। गिरिजा शंकर का लॉस एंजेलिस में प्रोडक्शन हाउस है। वह इंग्लिश और पंजाबी फिल्में बनाते हैं और काम के सिलसिले में इंडिया आना-जाना होता है। साल 2001-2002 में गिरिजा शंकर ने लॉस एंजेलिस में एक फिल्म प्रोड्यूस और डायरेक्ट की थी, जिसका नाम था 'बनाना ब्रदर्स'।बताई थी भारत और फिल्म-टीवी इंडस्ट्री छोड़ने की वजह
गिरिजा शंकर सब छोड़कर विदेश क्यों बसे? इस बारे में एक्टर ने बताया था, 'जिस तरह का काम मैं करना चाहता हूं, उसके लिए मुझे यहां ज्यादा सहूलियत मिलती है क्योंकि हम खुलकर अपनी बात कह सकते हैं और अपनी मर्जी से काम कर सकते हैं। घर पर (भारत में) कुछ पाबंदियां हैं। कभी-कभी हम कुछ करते हैं और फिर इस बात को लेकर विवाद हो जाता है कि क्या दिखाना है और क्या नहीं। यहां ज्यादा आजादी है और आप जो चाहें कर सकते हैं।'