भोपाल । लंबे समय से कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कैकेई राग जारी है। कभी कैबिनेट की बैठक से नदारद रहते हैं, तो कभी बोलते हैं कि मैं टेंपरेरी मंत्री हूं, कभी भी भूतपूर्व बन सकता हूं।
अक्सर यह कहते भी सुने गए कि उनकी कोई सुनता ही नहीं है। जब सरकार इंदौर के भागीरथपुरा कांड पर घिरी थी, तो उनके बयान ने मुसीबतें बढ़ा दी थीं। फिलहाल उनके नाम से जारी एक पत्र में ढाई वर्ष से इंदौर और उसके विकास की उपेक्षा पर तकलीफ का खुलासा हुआ है।