ट्रेन में स्पीकर पर फोन रखना पड़ेगा भारी, 5000 रुपये तक का जुर्माना और 6 महीने तक की जेल का प्रावधान
Updated on
19-10-2026 11:32 AM
नई दिल्ली: फोन के स्पीकर मोड पर संगीत सुनने या वीडियो देखने वाले लोगों से परेशान होने वाले रेलवे यात्रियों को राहत देने और इस बढ़ते उपद्रव को रोकने के कदम के तहत साउर्दर्न रेलवे ने चेतावनी दी है कि इस तरह के व्यवहार पर 1,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है और कोचों सहित रेलवे परिसरों से बाहर निकाला जा सकता है। ऐसा बार-बार करने वाले लोगों को छह महीने तक की जेल और 5,000 रुपये तक के जुर्माने का सामना भी करना पड़ सकता है।
साउर्दर्न रेलवे ने निपटने वाले प्रावधानों को लागू करने के लिए जन विश्वास अधिनियम के तहत संशोधित रेलवे अधिनियम की धारा 142 का हवाला दिया है। अधिकारियों ने कहा कि अन्य रेलवे जोन और यहां तक कि मेट्रो प्रणाली भी इस तरह के व्यवहार को रोकने के लिए इस प्रावधान को लागू कर सकती है, जिससे अन्य यात्रियों की सुविधा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
कानून के अनुसार, मेट्रो रेल में उपद्रव करने पर जुर्माना भी लगता है और ऐसे व्यक्तियों को कोच से हटाया जा सकता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270 सार्वजनिक उपद्रव को एक ऐसे कार्य के रूप में परिभाषित करती है जो सार्वजनिक अधिकार का उपयोग करने वाले लोगों को सामान्य चोट, खतरा, रुकावट या परेशानी का कारण बनता है और इसलिए यह एक अपराध है।
क्या है दक्षिणी रेलवे का सर्कुलर
इस महीने अपने सभी मंडलों को जारी किए गए तथा रेलवे बोर्ड को चिह्नित एक सर्कुलर में, साउर्दर्न रेलवे ने रेलवे स्टेशनों पर और ट्रेनों के अंदर स्पीकर के माध्यम से यात्रियों द्वारा संगीत या ऑडियो बजाने की समस्या को रेखांकित किया और इसे उपद्रव बताया है।
सर्कुलर में मोबाइल फोन के उपयोग पर जुलाई 2012 में जारी रेलवे बोर्ड के निर्देश का भी उल्लेख किया गया। बोर्ड ने कोचों के भीतर जोर से बोलना, लंबी बातचीत करना और आपत्तिजनक रिंगटोन की आवाज जैसी समस्याओं को रेखांकित किया था तथा सभी जोनों को ऐसी प्रथाओं के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए कहा था।
यात्रियों की सुविधा का खास ख्याल
साउर्दर्न जोन (दक्षिणी रेलवे) के आधिकारिक संचार में कहा गया, "हाल के दिनों में, व्यापक मोबाइल इंटरनेट पहुंच के आने के साथ, सार्वजनिक स्थानों पर स्पीकर मोड में वीडियो और अन्य सामग्री बजाना बहुत प्रचलित हो गया है। वर्तमान परिदृश्य में, यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल व्यवस्था करने की आवश्यकता है कि यात्रा करने वाले यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
इसने अपने मंडलों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के बारे में शिक्षित करें और यात्रा के दौरान या रेलवे परिसर में स्पीकर मोड में संगीत या वीडियो बजाने या जोर-जोर से बातचीत करने से हतोत्साहित करें।
हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में जागरुकता अभियान
क्षेत्रीय भाषाओं, हिंदी और अंग्रेजी में पब्लिक एड्रेस (माइक/अनाउंसमेंट) सिस्टम के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाए जाने हैं। इसमें कहा गया है कि टिकट परीक्षक (TTE) और वाणिज्यिक विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगा सकते हैं।
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