नई दिल्ली: ईरान-इजरायल/अमेरिका युद्ध का असर फिनटेक कंपनी फोनपे (PhonePe) के आईपीओ पर भी दिखाई दिया है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि उसने पब्लिक मार्केट में लिस्टिंग प्रक्रिया यानी आईपीओ प्रोसेस को फिलहाल टाल दिया है। कंपनी ने कहा है कि वैश्विक बाजार में जब हालात सुधरेंगे, उस समय आईपीओ प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जाएगा।फोनपे के सीईओ समीर निगम ने कहा, 'हम सभी प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र शांति की बहाली की कामना करते हैं। हम भारत में पब्लिक लिस्टिंग के लिए प्रतिबद्ध हैं।' वैश्विक तनाव के कारण शेयर बाजार में इस समय हलचल मची हुई है। पिछले हफ्ते तीन सत्रों में मार्केट में बड़ी गिरावट रही। आज सोमवार को भी इसमें जबरदस्त उतार-चढ़ाव रहा।65 करोड़ से अधिक यूजर
30 सितंबर 2025 तक फोनपे के 65 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। इसका डिजिटल पेमेंट नेटवर्क 4.7 करोड़ से अधिक व्यापारियों तक फैला हुआ है। इसके अतिरिक्त इस साल जनवरी में फोन पे पेमेंट गेटवे (फोनपे पीजी) ने वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट और डेबिट कार्ड लेनदेन के लिए 'फोनपे पीजी बोल्ट' लॉन्च करने की घोषणा की थी।141 कंपनियों को मिली मंजूरी
प्राइम डेटाबेस के अनुसार, वर्तमान में 141 कंपनियों को नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है। यह मंजूरी की तारीख से एक वर्ष के लिए वैध है और वे आईपीओ के माध्यम से सामूहिक रूप से लगभग 1.64 लाख करोड़ रुपये जुटा सकती हैं। इनमें से कम से कम 80 कंपनियों के पास अभी भी अपने आईपीओ जारी करने के लिए तीन से नौ महीने का समय है, हालांकि बैंकर निवेशकों की नई लिस्टिंग के प्रति रुचि को लेकर सतर्क हैं, खासकर यदि द्वितीयक बाजार अस्थिर बने रहते हैं।
इस हफ्ते 3 आईपीओ
इस हफ्ते 3 आईपीओ बाजार में आ रहे हैं। इसमें दो 'मेनबोर्ड' और एक 'SME' सेगमेंट का आईपीओ है। इसके अलावा तीन नई कंपनियों के आईपीओ की लिस्टिंग भी होगी। मेन बोर्ड से जो आईपीओ खुलेंगे उनके नाम GSP Crop Science और Central Mine Planning हैं। वहीं एसएमई सेगमेंट से Novus Loyalty Limited के आईपीओ की एंट्री होगी।