Select Date:

GST-काउंसिल की मीटिंग 7 की जगह 8 अक्टूबर को होगी:ब्रिक्स सम्मेलन की वजह से दूसरी बार टली; GST कानून में सुधार की तैयारी

Updated on 06-10-2026 12:57 PM

GST काउंसिल की 57वीं बैठक अब 7 अक्टूबर के बजाय 8 अक्टूबर को होगी। काउंसिल सचिवालय के मुताबिक, कुछ जरूरी वजहों से इस बैठक की तारीख को आगे बढ़ाया गया है।

यह लगातार दूसरा मौका है जब इस बैठक का शेड्यूल बदला गया है। पहले यह बैठक 12 सितंबर को होने वाली थी, लेकिन दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स समिट की वजह से इसे टालकर 7 अक्टूबर किया गया था, जिसे अब एक दिन और आगे बढ़ा दिया गया है।

GST काउंसिल की बैठक में देश के इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बड़े सुधारों को मंजूरी दे सकती है। नए प्रस्ताव के तहत टैक्स अधिकारियों से सीधे गिरफ्तार करने का अधिकार वापस लेने और फर्जीवाड़े के आपराधिक मामलों की सीमा बढ़ाने की तैयारी है।

इसके अलावा, सितंबर 2025 में टैक्स दरों में बदलाव के बाद, सरकार अब नियमों को और आसान बनाकर कारोबारियों को राहत दे सकती है।

जानिए इस बड़े बदलाव से जुड़ी हर जरूरी बात सवाल-जवाब में…

सवाल: जीएसटी काउंसिल की बैठक में गिरफ्तारी से जुड़ा क्या बड़ा प्रस्ताव लाया जा रहा है?

जवाब: नए प्रस्ताव के तहत सीजीएसटी (CGST) एक्ट की धारा 69 में संशोधन की तैयारी है। अब तक कमिश्नर लेवल की मंजूरी मिलने पर जीएसटी अधिकारी किसी व्यक्ति को सीधे गिरफ्तार कर सकते थे।

नए बदलाव के बाद अधिकारियों से यह पावर वापस ले ली जाएगी। अब किसी भी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट (न्यायिक मंजूरी) का आदेश अनिवार्य होगा।

सवाल: क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स की सीमा में क्या बदलाव होगा?

जवाब: वर्तमान में 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी या फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम के मामलों में आपराधिक कार्रवाई और गिरफ्तारी की व्यवस्था है।

प्रस्ताव के अनुसार, क्रिमिनल केस चलाने की इस लिमिट को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर सीधे ₹5 करोड़ करने की सिफारिश की गई है। यानी ₹5 करोड़ से कम के मामलों में आपराधिक केस दर्ज नहीं होगा।

सवाल: क्या रूटीन टैक्स विवादों में भी अब जेल जाना पड़ सकता है?

जवाब: नहीं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि क्लासिफिकेशन, वैल्यूएशन या इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के रूटीन विवादों को क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स के दायरे से बाहर रखा जाएगा।

कई बार किसी एक ट्रांजैक्शन की परिभाषा को लेकर बिजनेस और टैक्स अधिकारियों की राय अलग-अलग हो सकती है, ऐसे मामलों को अब क्रिमिनल ऑफेंस नहीं माना जाएगा।

सवाल: जीएसटी अधिकारियों से अरेस्ट पावर वापस लेने की मुख्य वजह क्या है?

जवाब: जब 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ था, तब फेक इनवॉइस और टैक्स चोरी पकड़ने के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम मजबूत नहीं था। इसलिए गिरफ्तारी का डर जरूरी था। अब जीएसटी का डेटा-ड्रिवन और ऑटोमेटेड इनवॉइस-मैचिंग सिस्टम बहुत मजबूत हो चुका है।

सिस्टम ही फर्जी क्रेडिट को शुरुआत में ही पकड़ लेता है। इसके अलावा, गिरफ्तार किए गए अधिकतर लोगों को कोर्ट से आसानी से जमानत मिल जाती थी और कारोबारी इसे अधिकारियों द्वारा परेशान करने का जरिया मानते थे।

सवाल: अगर अरेस्ट पावर हट जाएगी, तो सरकार टैक्स की रिकवरी कैसे करेगी?

जवाब: अधिकारियों की गिरफ्तारी की पावर खत्म होने का मतलब टैक्स माफी बिल्कुल नहीं है। सरकार की टैक्स वसूली, ब्याज और पेनल्टी लगाने की सिविल पावर्स पूरी तरह से बरकरार रहेंगी। छोटे और रूटीन मामलों में टैक्सपेयर बकाया टैक्स, ब्याज और पेनल्टी चुकाकर मामले का निपटारा कर सकेंगे।

सवाल: क्या गंभीर धोखाधड़ी या फर्जीवाड़े के मामलों में सजा की व्यवस्था खत्म हो जाएगी?

जवाब: नहीं। जानबूझकर की गई बड़ी धोखाधड़ी और टैक्स चोरी के गंभीर मामलों में कोर्ट के जरिए मुकदमा चलाया जाएगा। हालांकि, सजा के प्रावधानों को भी व्यावहारिक बनाया जा रहा है। 24 में से 9 आपराधिक धाराओं को पूरी तरह खत्म करने और 11 को बरकरार रखने का प्रस्ताव है।

न्यूनतम जेल की बाध्यता को हटाकर केवल जुर्माना लगाने का विकल्प भी कोर्ट को मिलेगा। साथ ही, मध्यम श्रेणी के अपराधों में अधिकतम सजा 3 साल से घटाकर 2 साल करने का प्रस्ताव है।

सवाल: इस फैसले से कारोबारियों और व्यापारियों को क्या फायदा होगा?

जवाब: कारोबारियों और व्यापारियों को 4 फायदे मिल सकते हैं।

  • अधिकारियों की मनमानी पर रोक: किसी भी टैक्स विवाद के अंतिम निर्णय से पहले गिरफ्तारी का डर खत्म होगा।
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: छोटे और मध्यम कारोबारियों पर कानूनी मुकदमेबाजी का बोझ घटेगा।
  • भरोसा बढ़ेगा: सरकार और कारोबारियों के बीच विश्वास का माहौल बनेगा, जिससे व्यापार करना आसान होगा।
  • छूट और राहत: छोटे करदाताओं के लिए लेट फीस माफ करने और पेनल्टी को लॉजिकल बनाने की भी तैयारी है।

सवाल: टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन के काम करने के तरीके में क्या बदलाव आएगा?

जवाब: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह भारत के इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव है। अब टैक्स प्रवर्तन 'डराने-धमकाने और गिरफ्तारी' के बजाय 'टेक्नोलॉजी, डेटा और सिविल रिकवरी' पर आधारित होगा।

जीएसटी अधिकारी पुलिस की तरह अरेस्ट करने के बजाय टैक्स वसूली पर ध्यान देंगे, जबकि गंभीर आपराधिक मामले जांच एजेंसियों और अदालतों के हवाले होंगे।

सवाल: यह सुधार सरकार की किस बड़ी नीति का हिस्सा है?

जवाब: यह कदम केंद्र सरकार के 'जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026' और आर्थिक अपराधों को गैर-आपराधिक बनाने के अभियान का हिस्सा है।

इससे पहले सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में बड़ा बदलाव (GST 2.0) कर 5%, 18% और लक्जरी सामानों के लिए 40% का स्लैब बनाया गया था। अब दूसरे फेज में एडमिनिस्ट्रेशन को आसान बनाने पर जोर है।

जानें क्या है सीजीएसटी कानून की धारा 69?

जवाब: CGST कानून की धारा 69 टैक्स कमिश्नर को यह अधिकार देती है कि यदि उसके पास यह मानने का कारण हो कि किसी व्यक्ति ने निर्दिष्ट गंभीर टैक्स अपराध किए हैं, तो वह किसी अधिकारी को उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए अधिकृत कर सकता है। नए प्रस्ताव में इसी सीधे अधिकार को खत्म कर कोर्ट ऑर्डर से जोड़ने की बात कही गई है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 October 2026
वर्ल्ड बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। इससे पहले अप्रैल में वर्ल्ड बैंक ने FY27 के लिए…
 07 October 2026
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी के बीच पांढुर्णा के एसपी प्रकाश चंद्र परिहार को हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पांढुर्णा दौरे के दो दिन…
 07 October 2026
इंडिया मोबाइल कांग्रेस का 10वां एडिशन आज से दिल्ली में शुरू हो गया है। एशिया के सबसे बड़े टेक इवेंट में इस बार 6G, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI), सैटेलाइट कम्यूनिकेशन और…
 07 October 2026
शेयर बाजार में आज यानी 7 अक्टूबर को गिरावट है। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 72,600 पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी करीब 150…
 07 October 2026
लोन लेना महंगा होने वाला है। ऐसा इसलिए, क्योंकि RBI ने रेपो रेट 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दी है। आगे भी इसके घटने के चांस नहीं है। रेपो रेट…
 07 October 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस और उसके सबसे बड़े स्टेकहोल्डर टाटा ट्रस्ट्स के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। टाटा संस को लिस्टिंग से बचाने के…
 06 October 2026
GST काउंसिल की 57वीं बैठक अब 7 अक्टूबर के बजाय 8 अक्टूबर को होगी। काउंसिल सचिवालय के मुताबिक, कुछ जरूरी वजहों से इस बैठक की तारीख को आगे बढ़ाया गया…
 06 October 2026
अगर आपके आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत है, शादी के बाद सरनेम बदलना है या फिर पूरा नाम ही चेंज करना है, तो अब नियम बदल चुके हैं।…
 06 October 2026
शेयर बाजार में आज यानी 6 अक्टूबर को बढ़त है। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 72,800 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी 100…
Advt.