- क्यों है अहम?
अमेरिका द्वारा भारत समेत कई देशों की सप्लाई चेन पर सवाल उठाने और अतिरिक्त टैक्स लगाने की धमकी के बीच यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। सरकार ने किसी खास देश या उत्पाद पर तुरंत बैन नहीं लगाया है। सरकार ने फिलहाल नियमों का ढांचा तैयार किया है और जांच के बाद विवादित सामानों की लिस्ट जारी की जाएगी। - क्या हुआ बदलाव?
विदेशी व्यापार नीति 2023 में बदलाव करते हुए सरकार ने एक नया नियम जोड़ा है। सोमवार को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ऐसा कोई भी सामान जो पूरी तरह या आंशिक रूप से जबरन मजदूरी के जरिए बनाया गया हो, उसके आयात पर पाबंदी होगी। - क्या है मामला?
यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) भारत सहित 60 देशों के खिलाफ सेक्शन 301 के तहत जांच कर रहे हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये देश जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात को रोकने में नाकाम रहे हैं। 3 जून को अमेरिका ने भारत समेत 54 देशों पर 12.5% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव भी रखा था। - क्या है परिभाषा?
सरकार ने इस नीति में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की 1930 वाली परिभाषा को अपनाया है। इसके मुताबिक, जबरन मजदूरी का मतलब ऐसे किसी भी काम या सेवा से है जो किसी व्यक्ति से सजा या डर दिखाकर कराया जाए और जिसके लिए उस व्यक्ति ने अपनी मर्जी से सहमति न दी हो। - एक्सपर्ट्स का कहना है?
थिंक टैंक GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि इस आदेश ने अभी कोई बैन नहीं लगाया है, बल्कि एक कानूनी ढांचा तैयार किया है। अब यह सरकार की जांच और सबूतों पर निर्भर करेगा कि वह किन प्रोडक्ट्स को निशाना बनाती है। उन्होंने कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का पक्ष मजबूत होगा।









