Select Date:

दूसरी तिमाही में धीमी पड़ी इकॉनमी की रफ्तार! सरकारी रिपोर्ट में जताया गया अनुमान

Updated on 02-10-2026 11:31 AM
नई दिल्ली: देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि, यह जून तिमाही में दर्ज 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर से कम होगी। वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट में बृहस्पतिवार को यह अनुमान लगाया गया। सितंबर महीने की मासिक आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि वैश्विक माहौल में बढ़ती अनिश्चितता के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत मजबूत आधार पर हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष ने ऊर्जा बाजार और व्यापार मार्ग को प्रभावित किया है, जिससे दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं। भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत रही थी, जो मौजूदा श्रृंखला में पहली तिमाही की सबसे अधिक वृद्धि है।

रफ्तार पड़ी धीमी

इसमें कहा गया, ‘इस साल की शुरुआत में आर्थिक समीक्षा में पेश किए गए हमारे तात्कालिक अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने की संभावना है।’

रिपोर्ट के मुताबिक, जून तिमाही की वृद्धि की गति 2026-27 की दूसरी तिमाही में भी जारी रही। हालांकि, इसकी रफ्तार कुछ धीमी हुई है। ई-वे बिल जारी होने और विनिर्माण क्षेत्र के खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) में वृद्धि की गति धीमी हुई, जबकि अगस्त में नई मांग और रोजगार में मजबूती से सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में सुधार हुआ।

जीएसटी कलेक्शन

बिजली और ईंधन की खपत में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है तथा बैंक ऋण में वृद्धि भी मजबूत बनी हुई है। पूंजीगत और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के सामान के उत्पादन से निवेश गतिविधियों में मजबूती जारी रहने के संकेत मिलते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में वाहन बिक्री की गति अच्छी रही है, जो खपत के व्यापक आधार को दर्शाती है।
रिपोर्ट में कहा गया कि निर्यात आंकड़ा, जीएसटी संग्रह समेत उच्च आवृत्ति वाले ज्यादातर संकेतकों से दूसरी तिमाही की शुरुआत में आर्थिक गतिविधियों के जारी रहने का संकेत मिलता है। हाल में भारत की साख में सुधार भी अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद को बताता है। जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने सितंबर, 2026 में भारत की रेटिंग को ‘बीबीबी प्लस’ से बढ़ाकर ‘ए माइनस’ कर दिया।

मॉनसून की स्थिति

रिपोर्ट में कहा गया कि मॉनसून की स्थिति पहले के अनुमान से बेहतर रही है। कई फसलों की खरीफ बुवाई पिछले साल के स्तर के करीब रही। इससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण मांग की संभावनाओं को समर्थन मिलता है। हालांकि, रबी फसल की संभावनाओं पर नजर रखने की जरूरत होगी।
इसके बावजूद बाहरी जोखिम बने हुए हैं। नए सिरे से बढ़े वैश्विक तनाव और आपूर्ति श्रृंखलाओं के बढ़ते रणनीतिक इस्तेमाल से ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों में सख्ती और व्यापार मार्गों में समस्या जारी है। इसलिए वृद्धि को बनाए रखने के लिए वृहद आर्थिक स्थिरता बनाए रखना और अर्थव्यवस्था की मजबूती बढ़ाना जरूरी होगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 03 October 2026
नई दिल्ली: UPI से 2000 रुपये के ऊपर भुगतान पर 0.4% MDR लागू होने से पहले दिल्ली में मार्केट संस्थाओं ने गांधी जयंती पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कश्मीरी गेट…
 03 October 2026
नई दिल्ली: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका में G-20 के वाणिज्य एवं व्यापार मंत्रियों के सम्मेलन में यह आरोप खारिज किया कि भारत में कुछ सेक्टरों में…
 03 October 2026
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों में लगातार बढ़ रही ग्राहकों की शिकायतों और सिस्टम की कमियों पर सख्त रुख अपनाया है। RBI ने बैंकों को अपने…
 03 October 2026
नई दिल्‍ली: यह कहानी है मोहिता गुप्ता इंद्रायण की। वह दिल्‍ली से हैं। उन्‍होंने डिमांड और सप्‍लाई के गैप को पहचानकर एक सफल फैशन ब्रांड खड़ा कर दिया है। इसका…
 03 October 2026
नई दिल्ली: भारत ने हाल में कई देशों के साथ ट्रेड डील की है। इनका मकसद इन देशों के साथ आपसी व्यापार को बढ़ाना है। 15 साल पहले भारत ने…
 03 October 2026
नई दिल्ली: अमेरिका में फ्यूल की कीमत रेकॉर्ड पर पहुंच गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप को अपना रिजर्व जारी करने को कहा है। इस बीच चीन ने भी…
 02 October 2026
नई दिल्ली: अब NPS (नैशनल पेंशन सिस्टम) के तहत हेल्थ इंश्योरेंस का भी इंतजाम होगा। 'एनपीएस स्वास्थ्य' नाम की नई स्कीम में पेंशन खाते के साथ टॉप अप बीमा भी…
 02 October 2026
नई दिल्ली: देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि, यह जून तिमाही में दर्ज 7.8 प्रतिशत की वृद्धि…
 02 October 2026
सुचिता दत्तायह सुनने में अच्छा लगता है कि भारत की बेरोजगारी दर आधिकारिक रूप से 3.2% है। लेकिन, धरातल पर हालात अलग हैं। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) 2024-25 के…
Advt.