मुख्यमंत्री ने कहा कि पृथ्वी पर यदि कहीं बाघ इंसानों के सबसे नजदीक रहते हैं तो वह भोपाल और उसके आसपास का क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार नदियों में घड़ियालों का संरक्षण भी कर रही है। पहले घड़ियालों का लाभ राजस्थान को अधिक मिलता था, लेकिन अब प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रदेश में छोड़े गए घड़ियाल यहीं सुरक्षित रहें।
गुरु पूर्णिमा अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाने वाला पर्व
मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं, बल्कि अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाने वाला उत्सव है। उन्होंने कहा कि भारत सदियों से विश्वगुरु की अवधारणा पर चलता आया है और प्रकृति के प्रति सम्मान हमारी संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का उदाहरण देते हुए कहा कि पेड़ों में प्राण होने की अवधारणा भारत में प्राचीन काल से स्वीकार की जाती रही है।
ओरछा के लक्ष्मी मंदिर की सराहना
डॉ. यादव ने ओरछा स्थित माता महालक्ष्मी मंदिर की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि सरकार के सभी विभाग महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वन विभाग के साथ काम करने में उन्हें सबसे अधिक आनंद आता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों के साथ वन्यजीवों के आदान-प्रदान की पहल भी की है। हाथियों के कारण होने वाली जनहानि को रोकने के लिए किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
टाइगर बचाना, अपना जीवन बचाने जैसा
कार्यक्रम में वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन ने कहा कि प्रदेश का नेतृत्व हमेशा वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील रहा है। उन्होंने कहा कि अच्छा जंगल वही माना जाता है, जहां बाघ, बाघिन और उनके शावक सुरक्षित हों। बाघों का संरक्षण प्रकृति और मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, जिसमें वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वाहनों का लोकार्पण, प्रदर्शनी का अवलोकन और सम्मान समारोह
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण के लिए उपलब्ध कराए गए नए वाहनों का लोकार्पण किया तथा वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय प्रकाशनों का विमोचन, सक्रिय वन्यजीव प्रबंधन पर आधारित वृत्तचित्रों के टीजर जारी किए और राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के पद्मश्री सम्मानित सदस्यों का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर वन सुरक्षा समितियों, ईको विकास समितियों, ग्राम वन समितियों और उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन कर्मियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। समारोह में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।