जाति विशेष का एनकाउंटर
गृह विभाग की ओर से शुरू किए गए एनकाउंटर अभियान पर भी जातीय आरोप लगा। तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार पर एक खास जाति के एनकाउंटर का आरोप लगाया। भाई वीरेंद्र ने तो इस आरोप के साथ साथ एक सूची जारी कर यह बताने की भी कोशिश की कि अब तक कितने यादव अपराधी का एनकाउंटर या हॉफ एनकाउंटर हुआ है।
जाति शॉर्ट कट रास्ता: अश्क
वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क का मानना है कि बिहार अभी जातीय तुष्टिकरण की राजनीति से नहीं उभरा है। टिकट पाना हो तो,मंत्री बनना हो तो परीक्षा या अपरोक्ष रूप से जाति बल दिखाना पड़ता है। ठीक जब दबाव की राजनीति को आगे बढ़ाना होता है तब भी जातीय राजनीति होती है। यहां तक कि पुलिसिया कार्रवाई को भी जातीय आवरण में देखा जा रहा है। जातीय जमावड़े हो रहे हैं। तस्वीर या ऑडियो वीडियो जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में जाति का एक छोटा वर्ग ही खड़ा हो कर सोशल मीडिया पर अपनी बात जातीय रंग के मोलम्मे में कह कर ऐन केन प्रकारेण अपने पक्ष में फैसला भी चाहता है। मामला एनकाउंटर का हो या फिर नीट छात्रा का रेप या फिर पीएमसीएच के प्रिसिपल पर हुई कार्रवाई का। जातीय रंग से कोई घटना नहीं बच पाया। ऐसा इसलिए कि यह एक शॉर्टकट रास्ता है।









