उन्होंने विशेष रूप से प्लास्टिक के उपयोग से बचने की अपील करते हुए कहा कि श्रद्धालु और दुकानदार प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कपड़े या जूट के बैग का उपयोग करें। साथ ही दुकानदारों एवं शिविर संचालकों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा कचरा केवल निर्धारित कचरा वाहन और डस्टबिन में डालने का आग्रह किया। श्रद्धालुओं से घर से कपड़े का थैला और पानी की बोतल साथ लाने तथा खुले में कचरा नहीं फेंकने की अपील भी की गई।