मध्यप्रदेश के दतिया उपचुनाव ने भाजपा के लिए सिर्फ एक विधानसभा सीट का मुकाबला नहीं है। इसने अब संगठनात्मक अनुशासन और एकजुटता की परीक्षा का रूप ले लिया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद पार्टी के भीतर विरोध, प्रदर्शन और असंतोष सामने आया था।
अब मतदान से पहले भाजपा नेतृत्व हर नेता और कार्यकर्ता की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनाव खत्म होने के बाद संगठन की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर चार चिन्हित असामाजिक तत्वों को मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम-1990 के तहत जिलाबदर किया गया है। प्रशासन का कहना है कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।