अरेरा हिल्स में सरकारी दफ्तरों की पार्किंग की परेशानी अब आसपास की रिहायशी कॉलोनियों तक पहुंच गई है। यहां दिनभर अलग-अलग सरकारी विभागों के कर्मचारियों और वहां आने वाले लोगों के वाहनों से सड़कें भरी रहती हैं।
अब ग्रीन मेडोज सोसायटी के रहवासियों ने ट्रैफिक पुलिस से शिकायत कर दफ्तरों के आसपास बेतरतीब पार्किंग पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क किनारे और दफ्तरों के आसपास खड़े वाहनों के कारण कॉलोनी के गेट से स्कूल बसों और अन्य वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा है।
रहवासियों ने ट्रैफिक पुलिस से अवैध पार्किंग पर कार्रवाई की मांग की
ग्रीन मेडोज रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक से इस संबंध में लिखित शिकायत की है। कहा है कि दिन के वक्त अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के कर्मचारी, स्टाफ और वहां आने वाले लोगों के वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े रहते हैं। इससे कॉलोनी के गेट तक पहुंचने में परेशानी होती है।
खासतौर पर संस्कार वैली, डीपीएस और बिलाबॉन्ग स्कूल की बसों को कॉलोनी गेट तक पहुंचने और वहां से निकलने में दिक्कत हो रही है। एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि रहवासियों ने ट्रैफिक पुलिस से दफ्तरों के आसपास सड़क पर और सड़क किनारे हो रही पार्किंग पर कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि इस परेशानी को दैनिक भास्कर ने 27 जुलाई को प्रमुखता से उठाया था।
इसलिए गाड़ियों से परेशानी
अरेरा हिल्स के इस हिस्से में करीब 50 बड़े सरकारी दफ्तर हैं और यहां रोजाना करीब 10 हजार लोगों की आवाजाही होती है। करीब 80 एकड़ में फैले इस प्रशासनिक क्षेत्र में पार्किंग क्षमता केवल 700 वाहनों की है। सुबह 10 से 11 बजे के बीच कर्मचारियों की गाड़ियां भरने के बाद सड़क किनारे पार्किंग शुरू हो जाती है। कई जगह दो कतारों में वाहन खड़े होने से सड़क की मौजूदा चौड़ाई कम हो जाती है और ट्रैफिक प्रभावित होता है।
सिंगल लेन में पार्क करवाएंगे वाहन इससे पहले हम क्रेन भेजकर दो बार कार्रवाई कर चुके हैं। यहां सिंगल लेन में पार्किंग करवाने की पहल शुरू की जा रही है, ताकि आम वाहनों और स्कूल-कॉलेज बसों की आवाजाही प्रभावित न हो। यहां संकेतक भी लगाए जाएंगे।
- बसंत कौल, एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक