दूसरे ठिकाने तलाश रहे छात्र
IRCC की रिपोर्ट दावा करती है कि नई नीतियां ऐसे स्टूडेंट्स को आकर्षित करने के लिए बनाई गई हैं, जो कनाडा में पढ़ाई करने और बसने के लिए वास्तव में तैयार हैं। इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए रास्ता खुला है लेकिन यह काफी मुश्किल हो गया है। इस वजह से छात्र पढ़ाई के लिए दूसरी जगहों के बारे में विचार कर रहे हैं।इंटरनेशनल स्टूडेंट मोबिलिटी पर नजर रखने वाली संस्था ICEF मॉनिटर के मुताबिक, कनाडा में स्टडी परमिट रिजेक्ट होने की दर 2023 में 38% से बढ़कर 2024 में 52% हो गई। भारत जैसे देशों में विदेश में पढ़ाई के लिए सोच-समझकर फाइनेंशियल प्लानिंग करनी पड़ती है। ऐसे में भारतीय परिवार अब रिस्क लेने से बच रहे हैं।









