केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि बीते 3 दिन से जो मंथन चल रहा था, उस सम्मेलन का भोपाल घोषणा पत्र के साथ समापन हुआ। साझेदार देशों के बीच संस्कृति को बढ़ावा देने पर विचार हुआ है। यह ब्रिक्स देशों की 11वीं बैठक है। 11 देश के 55 प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए। सम्मेलन की थीम ‘लचीलापन, नवाचार और स्थिरता’ थी। पहली बार समयावधि लक्ष्य तय किए हैं। सांस्कृतिक और विरासत को लेकर साझा रोडमेप तैयार किया। डिजिटल माध्यम भी इस घोषणा पत्र में तैयार किया गया। सांस्कृतिक संपदाओं को वापस लाने की भी पहल इस डॉक्यूमेंट में की गई है।
भोपाल घोषणा का उद्देश्य ब्रिक्स सांस्कृतिक सहयोग के संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ करना, संस्कृति और विरासत के समकालीन एवं पारंपरिक क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए साझा रोडमैप प्रदान करना है। एक प्रमुख क्षेत्र सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योग तथा रचनात्मक अर्थव्यवस्था में सहयोग है। जिसमें कार्यप्रणालियों, अनुभवों और श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान, रचनाकारों को सहयोग, नेटवर्किंग तथा डिजिटल साधनों के माध्यम से बाजार तक पहुंच के अवसरों का विस्तार शामिल हैं।