नारायण नगर जैन मंदिर से निकली शोभायात्रा
नारायण नगर जैन मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा में महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्रद्धालु "आचार्य विद्यासागर महाराज की जय" और "आचार्य समय सागर महाराज की जय" के जयकारे लगाते हुए पूरे मार्ग पर आचार्य संघ के साथ चलते रहे।
मुनियों ने की चरण वंदना
प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि नाके चौराहे पर मुनि निर्णय सागर महाराज, उपाध्याय विश्रुत सागर महाराज और निर्यापक मुनि संभव सागर महाराज सहित संघ ने आचार्य समय सागर महाराज की परिक्रमा कर चरण वंदना की। यह दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा।
झांकियों ने दिया सेवा और जीव दया का संदेश
शोभायात्रा में जीव दया, गोसेवा और हथकरघा को बढ़ावा देने वाली आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। निर्माणाधीन रानी कमलापति जिनालय की प्रतिकृति भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी। विभिन्न मंदिर समितियों, महिला मंडलों, युवा मंडलों, सोशल ग्रुप, पाठशाला परिवार और दिव्य घोष दल ने गुरु भक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियां दीं।
दूसरे राज्यों से भी पहुंचे श्रद्धालु
अंशुल जैन के अनुसार भोपाल के अलावा महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शहर के कई सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर स्वागत मंच बनाकर आचार्य संघ का अभिनंदन किया।
धर्मसभा में आचार्य विद्यासागर को किया नमन
रानी कमलापति जिनालय पहुंचने पर भगवान आदिनाथ के दर्शन किए गए। इसके बाद धर्मसभा में श्रद्धालुओं ने श्रीफल अर्पित कर अष्टद्रव्य से आचार्य श्री के गुणों की वंदना की।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य समय सागर महाराज ने आचार्य विद्यासागर महाराज के दीक्षा दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज राष्ट्र निर्माण, संस्कृति संरक्षण और आत्मकल्याण के प्रेरणास्रोत हैं। उनके बताए आदर्श समाज को हमेशा सही दिशा देते रहेंगे।